महापौर की पहल से विश्वकर्मा मार्केट के व्यापारियों को मिली राहत,डीएम से वार्ता के बाद दुकानों को हटाने के लिए मिला एक सप्ताह का समय,नगर निगम करेगा पुनर्वास और नई दुकानों का आवंटन
The Mayor's initiative provided relief to Vishwakarma Market traders; after talks with the District Magistrate, they were given a week's time to remove their shops. The Municipal Corporation will rehabilitate them and allocate new shops.


ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
रुद्रपुर। निर्माणाधीन रोडवेज बस टर्मिनल परियोजना की जद में आ रही विश्वकर्मा मार्केट के व्यापारियों को राहत मिली है। अमरनाथ यात्रा पर गए महापौर विकास शर्मा ने यात्रा मार्ग से ही जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से दूरभाष पर वार्ता कर व्यापारियों को तत्काल राहत देने का आग्रह किया। इसके बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित दुकानदारों को अपनी दुकानें स्वयं हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दे दिया है। महापौर ने भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यापारी को बिना पुनर्वास के नहीं हटाया जाएगा तथा नगर निगम सभी प्रभावित व्यापारियों को नई दुकानें उपलब्ध कराएगा। बता दें करीब चार दशक पुरानी विश्वकर्मा मार्केट प्रस्तावित रोडवेज बस टर्मिनल निर्माण की जद में आ रही है। प्रशासन द्वारा हटाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की सूचना मिलने पर व्यापारियों में अपनी आजीविका को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इस बीच अमरनाथ यात्रा पर गए महापौर विकास शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यात्रा के दौरान ही जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से बातचीत की और आग्रह किया कि पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित होने तक व्यापारियों को पर्याप्त समय दिया जाए।

महापौर के अनुरोध पर जिलाधिकारी ने प्रभावित व्यापारियों को सात दिन की मोहलत देने पर सहमति जताई। इस अवधि में व्यापारी अपनी दुकानों के टीन शेड और अन्य सामान स्वयं हटाएंगे, जिससे किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई या अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी से वार्ता के बाद जारी अपने संदेश में महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम पहले ही विश्वकर्मा मार्केट के प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास का निर्णय ले चुका है। इसके लिए वैकल्पिक भूमि का सर्वे पूरा किया जा चुका है और नई दुकानों के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यापारी की रोजी रोटी प्रभावित न हो और सभी को व्यवस्थित रूप से नई जगह पर बसाया जाए।

महापौर ने बताया कि अमरनाथ यात्रा से लौटने के बाद 14 जुलाई के पश्चात वह स्वयं प्रभावित व्यापारियों के साथ बैठक करेंगे और पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली के माध्यम से नई दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और सभी पात्र व्यापारियों को समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने इससे पहले नैनीताल हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के दौरान प्रभावित व्यापारियों का सफलतापूर्वक रुद्रा वेंडिंग जोन में पुनर्वास किया था। उसी मॉडल पर अब विश्वकर्मा मार्केट के व्यापारियों को जेपीएस स्कूल के समीप नगर निगम की भूमि पर विकसित की जा रही नई दुकानों में बसाया जाएगा, ताकि उनके कारोबार पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। महापौर विकास शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों के साथ व्यापारियों के हितों की रक्षा करना भी नगर निगम और सरकार की जिम्मेदारी है। रोडवेज बस टर्मिनल का निर्माण शहर के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन विकास की कीमत किसी व्यापारी की आजीविका नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार व्यापारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि प्रशासन द्वारा दिए गए एक सप्ताह के समय का सदुपयोग करते हुए वे स्वयं अपनी दुकानें खाली करने में सहयोग करें। इससे पुनर्वास की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी होगी और रोडवेज बस टर्मिनल के निर्माण कार्य को भी गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नगर निगम प्रत्येक प्रभावित व्यापारी के साथ खड़ा है और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
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