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प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के अन्तर्गत एनएफडीपी पंजीकरण एवं जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती 10 जून 2026सू.वि. राष्ट्रीय मत्स्यिकी विकास बोर्ड (NFDB), हैदराबाद एवं कार्यालय उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मण्डल, बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के अन्तर्गत एनएफडीपी पंजीकरण एवं जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सर्किट हाउस सभागार, बस्ती में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद बस्ती, संतकबीर नगर एवं सिद्धार्थनगर से लगभग 115 मत्स्य कृषकों, मत्स्य उद्यमियों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना, मत्स्य पालकों को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के विभिन्न घटकों की जानकारी प्रदान करना, राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित करना तथा जलीय कृषि बीमा एवं अन्य विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा ।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय मत्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद से पधारे इफ्तिखार हुसैन एवं अमर नायक द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के विभिन्न घटकों यथा राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP), एक्वाकल्चर बीमा, परफॉर्मेंस ग्रांट, मत्स्य उत्पादकता वृद्धि, मत्स्य उद्यमिता विकास, मूल्य संवर्धन, विपणन व्यवस्था, डिजिटल डेटा प्रबंधन एवं मत्स्य क्षेत्र में उभरती संभावनाओं पर विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि मत्स्य क्षेत्र के सतत विकास एवं मत्स्य पालकों की आय वृद्धि में डिजिटल प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण भूमिका होगी तथा भविष्य में अधिकांश सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करायी जाएंगी।
मत्स्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश से उपस्थित उप निदेशक मत्स्य (मुख्यालय) पुनीत कुमार द्वारा राज्य सरकार एवं मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने मत्स्य पालकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने तथा विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया। सहायक निदेशक मत्स्य (नियोजन) श्रीमती पूजा गौतम ने विभागीय योजनाओं, स्वरोजगार सृजन, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा मत्स्य क्षेत्र में उपलब्ध विकास की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर दिव्यांशु शुक्ला, डिप्टी मैनेजर, कृषि बीमा कम्पनी द्वारा जलीय कृषि बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कवरेज, पात्रता, दावा प्रक्रिया, जोखिम प्रबंधन तथा प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से मत्स्य पालकों को मिलने वाली सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के जिला प्रबंधक राहुल सिंह द्वारा राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण की प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में सीएससी की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि प्रशिक्षण के दौरान ही प्रतिभागियों में योजना के प्रति उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिला। मौके पर ही लगभग 25 मत्स्य पालकों का राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण कराया गया, जबकि परफॉर्मेंस ग्रांट हेतु 10 आवेदन प्राप्त हुए तथा अन्य विभागीय एवं योजनागत लाभों के लिए 05 आवेदन प्राप्त किए गए। कार्यक्रम ने मत्स्य पालकों में योजनाओं के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया तथा मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास, उत्पादन वृद्धि, आय संवर्धन, जोखिम न्यूनीकरण एवं डिजिटल सशक्तिकरण के विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर उप निदेशक मत्स्य, बस्ती मण्डल, बस्ती राजेश कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना मत्स्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, डिजिटल समावेशन एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि मण्डल के प्रत्येक पात्र मत्स्य पालक तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पहुंचे तथा अधिकाधिक मत्स्य पालक राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक मत्स्य, सिद्धार्थनगर श्री नंद किशोर प्रसाद, जनपद बस्ती, संतकबीर नगर एवं सिद्धार्थनगर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक, मत्स्य निरीक्षक, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, लिपिक वर्गीय कर्मचारी एवं विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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