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जोधपुर में श्रद्धा से मनाया गया प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
जोधपुर, 11 मार्च।
जोधपुर शहर में जैन समाज द्वारा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म व दीक्षा कल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न जिनालयों में अभिषेक, पूजा-अर्चना, पंचकल्याणक पूजन, महिमा गुणगान तथा वर्षीतप आराधना की शुरुआत जैसे कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के तहत श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक युवक महासंघ जोधपुर शाखा एवं सकल जैन श्रीसंघ, पाल रोड के तत्वावधान में वर्षीतप के तपस्वियों का भव्य वरघोड़ा निकाला गया। यह वरघोड़ा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर निकला, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए।
क्षेत्रीय प्रवक्ता धनराज विनायकिया ने बताया कि शहर के रत्न प्रभ धर्म क्रिया भवन, कपड़ा बाजार स्थित आदिनाथ गोलियां जैन मंदिर, तपागच्छ महिला उपाश्रय मंदिर तथा गुलाब नगर जैन मंदिर सहित कई जिनालयों में केसर, गुलाबजल और सर्व औषधि से भगवान आदिनाथ का अभिषेक किया गया। इसके साथ ही पंचकल्याणक पूजन और भक्तिमय कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जैनाचार्य आचार्य तत्वदर्शनरत्नसूरी के सानिध्य में आदिनाथ भगवान एवं वर्षीतप के तपस्वियों का भव्य वरघोड़ा विक्टोरिया जैन मंदिर से संघपूजा के साथ प्रारंभ हुआ। यह शोभायात्रा गुलाब नगर मंदिर होते हुए दिग्विजय नगर पहुंची। रास्ते में भी संघपूजा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जैनाचार्य ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान आदिनाथ ने मानव समाज को असि, मसि और कृषि का ज्ञान देकर मानव जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि वर्षीतप जैन धर्म की महानतम तप साधनाओं में से एक है और इसके माध्यम से आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने प्रेम, सेवा और पुण्य कर्मों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस आयोजन में दिनेश मुणोत, सौरभ भंडारी, धनपाल जैन, राजेश बागरेचा, महेंद्र बोहरा सहित जैन समाज के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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