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भीषण युद्धों के बीच शांति की अपील, संभावित महंगाई को लेकर प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजा ज्ञापन

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
विश्व के कई देशों में चल रहे भीषण युद्धों को लेकर सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। टीम सावधान इंडिया 077 के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय सभा के जिला अध्यक्ष कैप्टन डॉ. ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने युद्ध में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विश्व में जल्द शांति स्थापित होने की कामना की।
इस संबंध में कैप्टन डॉ. ठाकुर दिनेश सिंह भदौरिया ने भारत सरकार के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक अति आवश्यक ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में चल रहे युद्ध के कारण आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल, डीजल और खाद्य सामग्री की संभावित कमी तथा महंगाई बढ़ने की आशंका है। ऐसी स्थिति को देखते हुए सरकार को अभी से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि आगामी 48 घंटों के भीतर देश के सभी राज्यों के जिलाधिकारियों, पुलिस के उच्च अधिकारियों, थानाध्यक्षों तथा जिला रसद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी को रोका जा सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि खाड़ी युद्ध के समय की तरह सरकारी वाहनों के उपयोग पर सख्ती बरती जाए। जिलाधिकारी, एडीएम, एसडीएम, पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी जैसे आवश्यक अधिकारियों को छोड़कर अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सरकारी चार पहिया वाहनों के संचालन का समय तय किया जाए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि सरकारी वाहन सुबह 9 बजे से शाम 6:30 बजे तक ही उपयोग में लाए जाएं और उसके बाद उन्हें सरकारी मोटर गैराज में खड़ा किया जाए। साथ ही सभी वाहनों की लॉग बुक भरना भी अनिवार्य किया जाए, जिससे सरकारी पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत को रोका जा सके।
कैप्टन भदौरिया ने यह भी याद दिलाया कि खाड़ी युद्ध के समय जब सरकारी वाहनों के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई थीं, तब छात्र संगठन के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उन्होंने एक अभियान चलाया था। उस दौरान शाम 6:30 बजे के बाद 15 से 20 सरकारी वाहनों की लॉग बुक की जांच की जाती थी और जिन अधिकारियों द्वारा निजी कार्यों में सरकारी वाहनों का उपयोग किया जाता था, उनकी सूची बनाकर एडीएम सिटी और जिलाधिकारी को सौंपी जाती थी। इस अभियान की उस समय पूरे राज्य में सराहना हुई थी।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि देशहित में संसाधनों के संरक्षण और महंगाई पर नियंत्रण के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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