उत्तर प्रदेशदेशबस्तीब्रेकिंग न्यूज़
बलिदानियों की स्मृति में 14 स्थानों पर प्रज्वलित हुए दीप, वर्षों से राष्ट्रप्रेम की अलख जगा रही सनातन धर्म संस्था
शहर के प्रमुख महापुरुषों के स्मारकों एवं प्रतिमाओं को सजाकर दी गई श्रद्धांजलि, प्रतिष्ठित नागरिकों, सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई सहभागिता

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती। वीर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र के महान महापुरुषों के बलिदान एवं योगदान को नमन करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सनातन धर्म संस्था की अगुवाई में ‘एक दीप बलिदानियों के नाम’ कार्यक्रम श्रद्धा एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। जनपद के 14 प्रमुख ऐतिहासिक, पौराणिक एवं स्मृति स्थलों पर साफ-सफाई कर दीप प्रज्वलित किए गए तथा देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर बलिदानियों एवं महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
विगत कई वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम अब बस्ती की एक विशिष्ट परंपरा बन चुका है। इससे समाज के अनेक प्रतिष्ठित, प्रबुद्ध एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिक निरंतर जुड़ते रहे हैं। इस अवसर पर शहर के प्रमुख महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं स्मारकों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने अलग-अलग स्थलों पर पहुंचकर दीप जलाए और महापुरुषों को नमन किया। मुख्य दीप प्रज्वलन कार्यक्रम महाराणा प्रताप चौराहा, सिविल लाइन पर शाम 7 बजे संपन्न हुआ।
प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि ‘एक दीप बलिदानियों के नाम’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग एवं बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए। ऐतिहासिक और स्मृति स्थलों की साफ-सफाई कर उन्हें सजाते हुए दीप जलाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, महापुरुषों के आदर्शों और बलिदानियों के योगदान से परिचित कराना है। समाज के लोगों की निरंतर सहभागिता इस आयोजन को और व्यापक स्वरूप प्रदान कर रही है।
योगाचार्य राममोहन पाल ने कहा कि दीप प्रज्वलन भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। शहीदों की स्मृति में जलाया गया प्रत्येक दीप उनके प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
इन 14 स्थानों पर हुए आयोजन
1. सुभाष चंद्र बोस तिराहा – नेशनल प्रेस क्लब, बस्ती एवं सामाजिक सेवा संस्था चित्रांश क्लब।
2. महाराणा प्रताप चौराहा, सिविल लाइन – डॉ. नवीन सिंह, योगाचार्य राममोहन पाल एवं डॉ. संगीता यादव।
3. तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक – सुभाष श्रीवास्तव एवं भाजपा महिला अध्यक्ष प्रतिनिधि।
4. कारगिल शौर्य स्तंभ – ओमनी इंटरनेशनल, बस्ती।
5. महात्मा गांधी स्मारक, बीडीए परिसर – राजेश चित्रगुप्त एवं चित्रांश क्लब।
6. आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक, बड़ेवन पुल के नीचे – यूनिक साइंस एकेडमी।
7. आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा, बड़ेवन गांव – बृजेश सिंह मुन्ना।
8. जीआईसी स्थित मुंशी प्रेमचंद, जिला अस्पताल स्थित डॉ. हैनिमैन एवं टाउन क्लब स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक – डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी।
9. कलेक्ट्रेट के सामने शहीद स्तंभ – राजेंद्रनाथ तिवारी।
10. संत गाडगे स्मारक, पानी की टंकी चौराहा – डॉन वास्को स्कूल।
11. सरदार पटेल स्मारक, अमहट घाट – डॉ. रोहन दूबे एवं टाटा मोटर्स।
12. लाल बहादुर शास्त्री चौक – वैष्णवी दूबे एवं उनकी टीम।
13. डीएम आवास के मोड़ पर आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक – वैष्णवी दूबे एवं उनकी टीम।
14. महात्मा कबीर स्मारक, डीआईजी कार्यालय के निकट – वैष्णवी दूबे एवं उनकी टीम।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्र के वीर सपूतों और महापुरुषों का सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज में राष्ट्रप्रेम एवं सांस्कृतिक चेतना को निरंतर जीवित रखना भी हम सभी का दायित्व है।

Subscribe to my channel


