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डिजिटल भारत की राह पर बढ़े विद्यार्थी, प्रबल कार्यक्रम में दिखी प्रतिभा

डिजिटल शिक्षा और करियर मार्गदर्शन पर विद्यार्थियों ने रखे विचार, खेमाराम व बिन्दु कंवर रहे अव्वल

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

 

जसोल, बालोतरा। डिजिटल युग में तकनीक को शिक्षा और करियर निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाने के उद्देश्य से पीएमश्री श्रीमती सुआदेवी भंसाली राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जसोल में ब्लॉक स्तरीय ‘प्रबल कार्यक्रम’ का आयोजन उत्साहपूर्वक हुआ। कार्यक्रम में ‘डिजिटल भारत—किशोर-किशोरियों के सशक्त भविष्य हेतु डिजिटल शिक्षा एवं उचित करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता’ विषय पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और विचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पीईईओ जसोल जेतमलसिंह, सह संयोजक एवं प्रधानाचार्य गोपाल लाल मीना, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि प्रवीण सेन एवं अमरपुरा प्रधानाचार्य सरोज भाटी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्रतियोगिताओं में दिखा डिजिटल सोच का हुनर

प्रबल कार्यक्रम के तहत पैनल चर्चा, फोकस ग्रुप चर्चा, आशु भाषण एवं नाट्य प्रतियोगिता आयोजित हुई। विद्यार्थियों ने डिजिटल शिक्षा, तकनीकी ज्ञान, ऑनलाइन संसाधनों के सदुपयोग, साइबर जागरूकता तथा सही करियर चयन जैसे विषयों पर प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे।

छात्र वर्ग में पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गांधीपुरा, बालोतरा के खेमाराम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं छात्रा वर्ग में पीएमश्री सुआदेवी भंसाली राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जसोल की बिन्दु कंवर ने प्रथम स्थान हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

डिजिटल ज्ञान के साथ जिम्मेदार उपयोग जरूरी : जेतमलसिंह

पीईईओ जसोल जेतमलसिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि डिजिटल तकनीक आज शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का सदुपयोग करते हुए अपने ज्ञान, कौशल और करियर को नई दिशा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत की संकल्पना को साकार करने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि प्रवीण सेन ने कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ उसका सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना भी आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संवाद-कौशल, निर्णय क्षमता और डिजिटल समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानाचार्य गोपाल लाल मीना ने कहा कि डिजिटल भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विद्यार्थी तकनीक को केवल मनोरंजन का साधन न मानकर ज्ञान, शिक्षा, कौशल विकास और बेहतर भविष्य निर्माण का माध्यम बनाएं। विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक छात्र-छात्रा तकनीकी रूप से दक्ष, जागरूक और आत्मनिर्भर बने।

कार्यक्रम का संचालन धनवन्ती दवे ने किया। इस अवसर पर भगवानराम, सोहनलाल, महावीर, सीमा अग्रवाल, बजरंग चौधरी, पन्नाराम, हनुमान, भारती नागोरा, राजन्ती नागर, मीना गुर्जर, संतोष अग्रवाल, नारायण सिंह, महिपाल, प्रिया सिसोदिया, सुधारनी जैन, तारा कंवर सहित शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

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