बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
अणुव्रत सप्ताह के तहत अहिंसा दिवस मनाया, प्रेक्षाध्यान का आगाज
जीवनविज्ञान, अणुव्रत और प्रेक्षाध्यान: मानवता के लिए अमृत हैं। प्रोफेसर डॉ. साध्वी मंगलप्रज्ञा जी

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
प्रोफेसर, डॉ. साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी के सान्निध्य में अणुव्रत समिति के तत्वावधान में तेरापंथ भवन, अमृत सभागार में अहिंसा दिवस मनाया गया एवं त्रिदिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर का शुभारंभ हुआ। प्रोफेसर साध्वी मंगलप्रज्ञा जी ने कहा- आज व्रत और ध्यान का शुभ संगम हो रहा है। व्रत के बिना, ध्यान और ध्यान के बिना व्रत पुष्ट नहीं होता। जैन समाज को अहिंसा के बीज तीर्थकर परम्परा से प्राप्त हैं। महात्मा गांधी अहिंसा के परम पुजारी रहे हैं। भगवान महावीर ने सम्पूर्ण मानवजाति को अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा- हर प्राणी अहिंसा धर्म का यथासंभव पालन करे ।
प्रोफेसर डॉ, साध्वी मंगल प्रज्ञा जी ने कहा- भगवान महावीर ने निःशस्त्री करण की बात कही। आज जरुरत है व्यक्ति अहिंसा की चेतना जगाए। अहिंसा का अर्थ मात्र प्राणीवध ही नहीं है. अपने मन और भावों को भी अहिंसा का प्रशिक्षण दें। युद्ध पहले दिमाग में होता है। साधना और संकल्प के द्वारा उस युद्ध को रोकने का का प्रयास करें।
प्रेक्षाध्यान भीतर में होने वाले युद्ध को समाप्त करता है। आज व्यक्ति तनाव, लोभ, विषम परिस्थितियों के कारण हिंसा का आश्रय ले रहा है। अशांत बन रहा है।
युग पुरुष, युग नायक आचार्यश्री तुलसी और प्रेक्षाप्रणेता आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी मानवोत्थान के लिए अणुव्रत और प्रेक्षाध्यान जैन महा-अवदान दिए। इन अवदानों को सात-समन्दर पार पहुंचाने के लिए समणश्रेणी की स्थापना की। साध्वी डॉ. मंगलप्रज्ञा जी ने देश विदेशों में समणश्रेणी में की गई अपनी देश-विदेशों के अनेक अनुभव साझा करते हुए कहा- मुझे गुरु कृपा से शिक्षा-जगत से जुड़कर प्रचार-प्रसार करने और जैनधर्म सिद्धान्तों को विदेश की घरा पर पहुंचाने, विश्व धर्म सम्मसन आदि में प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
आज जरुरत है हर व्यक्ति अनुव्रत और प्रेक्षाध्यान की गंगा में अभिस्नान कर अपने जीवन को पवित्र और स्वस्थ बनाए। जीवनशैली को सुनियोजित करें।
साध्वी श्री ने प्रेक्षाध्यान शिविराथियों को उपसंपदा स्वीकार करवाई। प्रेक्षाध्यान के प्रयोग करवाए।
साध्वीवृन्द ने प्रेक्षाध्यान एवं अनुव्रत समिति सदस्यों ने अनुव्रत-गीत का संगान किया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष राणमल जी फोला मेहता ने स्वागत संभाषण करते हुए शिविरार्थियों के प्रति शुभकामना की। राष्ट्रीय स्वयं सेवा संघ पूर्व संचालक सुरंगी लाल सालेचा ने विचार प्रस्तुत किए। मुम्बई से समागत उपासक एवं प्रेक्षाध्यान प्रशिक्षक शांतिलाल जी कोठारी एवं श्रीमती मीना जी साबद्रा ने विचाराभिव्यक्ति दी।
तेरापंथ सभा एवं अणुव्रत समिति द्वारा तेरापंथ भवन में समायोजित कार्यक्रम में तेरापंथ सभा उपाध्यक्ष ललित जी जीरावला, मंत्री मोहनलाल जी बाफना, सहमंत्री राजेश बाफना, जोधपुर शिक्षाविभाग के पूर्व निर्देशक श्रीमान् पृथ्वीराज जी दवे, अणुव्रत समिति अध्यक्ष जवेरी लाल जी संकलेचा, मंत्री कमल जी कुहाड़ सहित विभिन्न संस्थाओं के अनेक गणमान्य जनों की उपस्थिति रहीं। मंच संचालन डॉ साध्वी शोर्य प्रभा ने किया।
त्रिदिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर में प्रोफेसर डॉ. साध्वी श्री मंगल प्रज्ञा जी के निर्देशानुसार प्रेक्षा प्रशिक्षकों एवं साध्वीवृन्द द्वारा आसन, प्राणायाम, कायोत्सर्ग, ध्यान, अनुप्रेक्षा, मंत्र प्रेक्षा , मुद्राविज्ञान आदि सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक अनेक कक्षाएं दी जाएंगी।

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