कांग्रेस की राजदारी और चाटुकारिता में ठुकराल भूले शब्दों की मर्यादा, मुख्यमंत्री के खिलाफ तू-तड़ाक की भाषा बर्दाश्त नहीं : विधायक शिव अरोरा,वर्ग विशेष को खुश करने के लिए सारी मर्यादाएं लांघ दीं, अब विश्व हिन्दू परिषद से भी ठुकराल को हो रही है दिक्कत,यह मानसिक दिवालियापन का प्रमाण
Thukral forgot the limits of words in his sycophancy and flattery towards the Congress party. He cannot tolerate rude language against the Chief Minister: MLA Shiv Arora. He crossed all limits to please a particular section of society. Now Thukral is facing problems with the Vishwa Hindu Parishad as well; this is proof of his mental bankruptcy.

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल द्वारा प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ की गई अमर्यादित एवं तू-तड़ाक की भाषा पर रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने तीखा पलटवार किया है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस की राजदारी और चाटुकारिता में ठुकराल शब्दों की मर्यादा भूल चुके हैं। प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ इस प्रकार की भाषा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शिव अरोरा ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के नाम पर मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वस्थ राजनीति नहीं है। उन्होंने ठुकराल की बयानबाजी को राजनीतिक हताशा और मानसिक दिवालियापन करार देते हुए कहा कि जनता सब देख रही है कि कौन विकास के मुद्दों पर बात कर रहा है और कौन केवल व्यक्तिगत बयानबाजी में उलझा हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी को बताया घटिया मानसिकता
विधायक शिव अरोरा ने पूर्व विधायक ठुकराल द्वारा बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और देश की सेवा के लिए समर्पित किया है। देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
शिव अरोरा ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व के बारे में यह कहना कि प्रधानमंत्री गलत कार्यों के लिए विदेश में टापू पर जाते हैं, बेहद घटिया मानसिकता और राजनीतिक दिवालियापन का परिचय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक सीमा होती है। प्रधानमंत्री के खिलाफ बिना आधार के व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणी करना न तो स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा है और न ही सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप।
उन्होंने कहा कि “नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ इस प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी करते समय पूर्व विधायक को अपने शब्दों की मर्यादा और पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।”
शिव अरोरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत स्तर पर घटिया टिप्पणी करना केवल राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जनता विकास, राष्ट्रहित और मजबूत नेतृत्व को देख रही है, इस प्रकार की बयानबाजी से देश की जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।
विधायक ने कहा कि यदि पूर्व विधायक को प्रधानमंत्री की किसी नीति या निर्णय से असहमति है तो तथ्यों के साथ उसकी आलोचना करें, लेकिन व्यक्तिगत आरोप लगाकर देश के प्रधानमंत्री की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद को लेकर भी ठुकराल पर निशाना
विधायक ने कहा कि पूर्व विधायक द्वारा विश्व हिंदू परिषद को लेकर की गई टिप्पणी भी उनकी बदली हुई राजनीतिक सोच को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “जिस विश्व हिंदू परिषद ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, कारसेवा के लिए संघर्ष किया और जिसके आंदोलन में अनेक कारसेवकों ने अपना बलिदान दिया, आज उसी विश्व हिंदू परिषद से ठुकराल को इतनी तकलीफ क्यों होने लगी?”
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद सहित अनेक संगठनों और रामभक्तों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। राम मंदिर के पक्ष में चली लंबी कानूनी लड़ाई और न्यायालय में हुई मजबूत पैरवी के बाद आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण साकार हुआ है। 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद करोड़ों रामभक्तों का सपना पूरा हुआ।
शिव अरोरा ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक संघर्ष में योगदान देने वाले संगठन के प्रति टिप्पणी करने से पहले ठुकराल को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि “क्या गोल टोपी के वोट के चक्कर में अब ठुकराल को विश्व हिंदू परिषद और हिंदू समाज से भी दिक्कत होने लगी है?”
उन्होंने कहा कि किसी वर्ग विशेष को खुश करने के लिए हिंदू समाज की आस्था और उससे जुड़े संगठनों पर टिप्पणी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता। वर्ग विशेष को खुश करने के लिए सारी मर्यादाएं लांघ देना राजनीति नहीं है।
हल्द्वानी में धार्मिक नारों पर ठुकराल की चुप्पी पर सवाल
शिव अरोरा ने हल्द्वानी रामलीला मैदान में लगे “अल्लाहु अकबर” के नारों का उल्लेख करते हुए पूर्व विधायक से सवाल किया कि उस समय उनकी आवाज क्यों नहीं उठी। क्या वोट बैंक नराज ना हो जाये इस बात का खतरा है,उन्होंने कहा कि “वोट बैंक देखकर आवाज उठाना और चुप रहना दोहरे राजनीतिक चरित्र को दर्शाता है।”
विधायक ने खरगे के कांवड़ और गंगा स्नान वाले बयान पर भी पलटवार
शिव अरोरा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा हरिद्वार की कांवड़ यात्रा और गंगा स्नान को लेकर दिए गए बयान पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों की आस्था, श्रद्धा और तपस्या से जुड़ी धार्मिक परंपरा है। ऐसी आस्था पर कहना की गंगा स्नान करने से बेरोजगारी दूर नहीं होंगी यह हिन्दुओ की आस्था के साथ खिलवाड़ है, कांग्रेस नेतृत्व को करोड़ों सनातनियों की भावनाओं ठेस पहुंचाने का कार्य किया है ।
उन्होंने सवाल किया कि “क्या कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे में इतना साहस है कि वे मक्का या अजमेर शरीफ जाने वाले मुस्लिम समाज की धार्मिक आस्थाओं के बारे में भी इसी प्रकार की भाषा का प्रयोग करें?”
वंदे मातरम् के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
विधायक ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े वंदे मातरम् विवाद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शीर्ष नेतृत्व के बयानों और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए और उसके बाद दूसरों को मर्यादा का पाठ पढ़ाना चाहिए।
“मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में रुद्रपुर विकास की राह पर”
शिव अरोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सरकार के सहयोग से अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति मिली है। मोदी मैदान में अत्याधुनिक खेल स्टेडियम के लिए 23.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति, शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान सहित अनेक विकास कार्य इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर की जनता अब यह स्पष्ट देख रही है कि कौन विकास की राजनीति कर रहा है और कौन केवल बयानबाजी के माध्यम से अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहा है।
शिव अरोरा ने कहा कि “राजनीति में विरोध कीजिए, सवाल पूछिए, सरकार के कामकाज की आलोचना कीजिए, लेकिन प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री के खिलाफ तू-तड़ाक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग मत कीजिए।” उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद की गरिमा का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
विधायक ने कहा कि कांग्रेस की राजदारी और चाटुकारिता में यदि पूर्व विधायक ठुकराल हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और सनातन से जुड़े विषयों पर अनावश्यक टिप्पणी कर रहे हैं तो उन्हें समझना चाहिए कि वर्ग विशेष को खुश करने के लिए मर्यादाएं लांघने वाली राजनीति रुद्रपुर की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
विधायक शिव अरोरा की दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान, सनातन आस्था, राष्ट्रहित और सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर वह मजबूती के साथ अपनी बात जनता के सामने रखते रहेंगे।
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