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जनपद न्यायाधीश ने बाल संप्रेषण गृह बस्ती का किया निरीक्षण, बच्चों के बेहतर भविष्य और स्वच्छता पर दिया जोर

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती। जनपद न्यायाधीश श्री शमसुल हक ने गुरुवार को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार-प्रथम, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड श्री राज बाबू, क्षेत्राधिकारी बस्ती सदर सत्येन्द्र भूषण तिवारी तथा उप जिलाधिकारी बस्ती सदर हिमांशु कुमार के साथ राजकीय बाल संप्रेषण गृह (किशोर), पचपेड़िया मार्ग, बस्ती का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जानकारी मिली कि कुछ किशोरों की जमानत लंबित है। इस पर जनपद न्यायाधीश ने प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही अधीक्षक को निरीक्षण समिति के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।
अधीक्षक ने बताया कि सरस्वती विद्या मंदिर, रामबाग बस्ती के कंप्यूटर प्रशिक्षक अंकित गुप्ता प्रत्येक रविवार को किशोरों को निःशुल्क कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें तकनीकी ज्ञान प्राप्त हो रहा है।
संप्रेषण गृह में वर्तमान में कुल 86 किशोर निरुद्ध हैं। इनमें जनपद बस्ती के 28, संतकबीरनगर के 27, सिद्धार्थनगर के 30 तथा मेरठ का एक किशोर शामिल है। अधीक्षक ने बताया कि मेरठ का किशोर वहां के संप्रेषण गृह से स्थानांतरित होकर यहां आया है।
निरीक्षण के दौरान रसोईघर की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई। रसोइयों ने बताया कि भोजन की तैयारी समय पर की जाती है। वहीं, किशोरों ने भी अधिकारियों को बताया कि उन्हें नियमित रूप से समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
जनपद न्यायाधीश ने संप्रेषण गृह के पीछे स्थित परिसर का भी निरीक्षण किया और उसे स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोरों से संवाद करते हुए उन्हें पौष्टिक आहार, नियमित पढ़ाई, खेलकूद और अच्छे आचरण के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान संप्रेषण गृह में कोई भी आपत्तिजनक स्थिति नहीं पाई गई। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए सुधार संबंधी आवश्यक निर्देश भी दिए।

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