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सरकारी और निजी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा अनिवार्य हो, हर स्कूल में खेल मैदान उपलब्ध कराया जाए: सरदार ज़ाहिर खान
कहा- स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी पीढ़ी के निर्माण के लिए खेलों की व्यावहारिक शिक्षा जरूरी

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
मेंढर, 2 जुलाई। जम्मू-कश्मीर भाजपा जन कल्याण मंच के केंद्र शासित प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार ज़ाहिर खान ने जम्मू-कश्मीर सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा (Physical Education) को अनिवार्य विषय बनाया जाए। साथ ही प्रत्येक विद्यालय में खेल मैदान, आवश्यक खेल सामग्री तथा नियमित व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जारी बयान में सरदार ज़ाहिर खान ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यार्थियों के समग्र शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक प्रशिक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षा विद्यार्थियों में फिटनेस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि पर्याप्त खेल मैदान और खेल सुविधाओं के अभाव में शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। इसलिए प्रत्येक सरकारी एवं निजी विद्यालय में सुव्यवस्थित खेल मैदान, आवश्यक खेल उपकरण तथा नियमित खेल प्रशिक्षण को शैक्षणिक गतिविधियों का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
सरदार ज़ाहिर खान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षा शिक्षक कार्यरत हैं, जिनकी विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। उन्हें नियमित व्यावहारिक कक्षाएं संचालित करने, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराने और विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ष खेलों के विकास और खेल अधोसंरचना पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा, नियमित प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अंत में सरदार ज़ाहिर खान ने जम्मू-कश्मीर सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने, नियमित प्रायोगिक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने, प्रत्येक विद्यालय में खेल मैदान और आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे स्वस्थ, अनुशासित और खेलों के प्रति जागरूक नई पीढ़ी का निर्माण संभव होगा।

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