तेल कंपनियों के लगातार बढ़ते मुनाफे के बावजूद आम जनता को राहत नहीं दी जा रही है महंगाई की मार झेल रही जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाला जा रहा है… पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल
Despite the ever-increasing profits of oil companies, the common people are not being given any relief. The people already suffering from inflation are continuously being burdened financially... Former MLA Rajkumar Thukral

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
रूद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पेट्रोलियम उत्पादों और घरेलू एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है

कि तेल कंपनियों के लगातार बढ़ते मुनाफे के बावजूद आम जनता को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई की मार झेल रही जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

मीडिया को जारी बयान में ठुकराल ने दावा किया कि सरकारी तेल कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 77 हजार करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा कि जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में भी तेल कंपनियों का लाभ करीब 19 हजार करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बार बार वृद्धि किया जाना आम जनता के साथ अन्याय है। ठुकराल ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू खर्चों का प्रबंधन लगातार कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिसके कारण खाद्य पदार्थों सहित दैनिक उपयोग की लगभग सभी वस्तुओं के दाम बढ़ जाते हैं।

इसका खामियाजा अंततः आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तेल कंपनियों को लाभ पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है, जबकि आम जनता महंगाई से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि सरकार को तेल कंपनियों के मुनाफे का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना चाहिए और पेट्रोल, डीजल तथा रसोई गैस की कीमतों में राहत देनी चाहिए। ठुकराल ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और जनता में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि समय रहते जनभावनाओं को नहीं समझेगी तो जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से उचित समय पर देगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करने और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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