भरतपुर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को डिजिटल मंचों के माध्यम से व्यापक बाज़ार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज पंचायत समिति उच्चैन, जिला भरतपुर में नाबार्ड (NABARD) द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से भरतपुर ब्लॉक अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
कार्यक्रम का आयोजन ‘श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान’ द्वारा किया गया, जबकि प्रशिक्षण का संचालन ‘एड-ऑन नेक्सजेन प्राइवेट लिमिटेड’ (Add-on Nexgen Pvt. Ltd.) द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री शिवम कुमार अग्रवाल, श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान के सचिव श्री धर्मपाल, राजीविका सीएलएफ की बीपीएम सुश्री पल्लवी यादव तथा सीएलएफ अध्यक्ष श्रीमती अनीता जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने इस प्रशिक्षण पहल के उद्देश्यों एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को यह बताया कि किस प्रकार वे अपने हाथों से बनाए गए उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स वेबसाइट तथा सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुँचा सकती हैं। वक्ताओं ने कहा कि आज के तकनीकी युग में पारंपरिक बाज़ार की सीमाओं से बाहर निकलकर ऑनलाइन माध्यमों को अपनाना समय की आवश्यकता है, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री शिवम कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए डिजिटल कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। संस्थान के सचिव श्री धर्मपाल ने कहा कि श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका और कौशल विकास के लिए सतत प्रयासरत है।
उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र की महिलाएँ मुख्य रूप से जूट से बनी वस्तुओं, कागज़ से निर्मित उत्पादों तथा वस्त्र (टेक्सटाइल) उत्पादों के निर्माण में दक्ष हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पादों की ऑनलाइन फोटोग्राफी, उत्पाद विवरण लेखन, मूल्य निर्धारण, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली तथा विभिन्न ई-कॉमर्स एवं ONDC जैसे प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है।
राजीविका सीएलएफ की बीपीएम सुश्री पल्लवी यादव एवं सीएलएफ अध्यक्ष श्रीमती अनीता जी ने भी महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुईं। प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागी महिलाओं को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकें।