
ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
All India Organisation of Chemists and Druggists और Rajasthan Chemist Alliance के आह्वान पर बुधवार को बालोतरा में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर बंद रहे। Balotra Chemist and Druggist Association के नेतृत्व में जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने हड़ताल में भाग लेते हुए ऑनलाइन फार्मेसी पर रोक लगाने या सख्त नियम लागू करने की मांग की।
एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर पूरे दिन बंद रहे। केवल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मेडिकल प्रतिष्ठानों को ही खुला रखा गया। व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों ने भी इस आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। बाद में दवा विक्रेताओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष कान्तिलाल मेहता ने कहा कि बिना डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन और फार्मासिस्ट की निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इससे नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग के साथ नकली और एक्सपायर्ड दवाओं की आपूर्ति का खतरा भी बढ़ गया है, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
बालोतरा अध्यक्ष दिनेश सिंघल ने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार से स्थानीय मेडिकल व्यवसायियों की रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है। वर्षों से नियमों के तहत सेवा दे रहे छोटे दवा विक्रेताओं का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
एसोसिएशन के प्रतिनिधि हनुमान सिंह राजपुरोहित ने बताया कि लंबे समय से संबंधित विभागों और प्राधिकरणों से ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में जिलेभर के केमिस्ट और दवा विक्रेता आंदोलन में शामिल हुए।
ज्ञापन में कहा गया कि इंटरनेट के माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श घर-घर दवा वितरण और भारी छूट पर दवाओं की बिक्री जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि Drugs and Cosmetics Act 1940 और नियम 1945 के तहत ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए तथा अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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