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बस्ती में नैनो उर्वरकों के महत्व पर जिला सहकारिता सम्मेलन आयोजित

दिनांक 20 मई 2026 को नैनो उर्वरकों के महत्व एवं उपयोग पर आधारित जिला सहकारिता सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन विकास भवन सभागार, जनपद बस्ती में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बस्ती महोदय (I.A.S) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला कृर्षि अधिकारी बस्ती , डा. बाबूराम मौर्य डॉ आरके नायक कृषि सेवाएं इफको लखनऊ डॉ विनोद कुमार सिंह वरिष्ठ क्षेत्रप्रबंधक इफको गोरखपुर एवं लगभग 100 की संख्या में सचिव साथियों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा सचिव द्वाराकी जाने वाली बातों को श्रवण किया द्वारा बताया और उनकी समस्याओं को निदान करने के लिए आवाहन भी किया उनके द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाए इसके लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा !
लखनऊ से पधारे कृर्षि सेवाएं इफको डॉ आर के नायक जी द्वारा बताया गया क हम बहुत बड़ी मात्रा में बाहर से केमिकल फर्टिलाइजर इंपोर्ट करते हैं। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से हमारी धरती माता को नुकसान पहुंच रहा है तथा खेतों की उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है। यदि आज हम अपने खेतों को सुरक्षित नहीं रखेंगे तो भविष्य में फसलों के उत्पादन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए आवश्यक है कि रासायनिक उर्वरकों की खपत को कम करते हुए प्राकृतिक एवं संतुलित खेती की ओर बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर हम विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ अपनी भूमि की गुणवत्ता को भी सुरक्षित रख सकते हैं।
डॉ विनोद कुमार सिंह वरिष्ठक्षेत्र प्रबंधक इफको गोरखपुर द्वारा बताया गया कि किसानों द्वारा फसलों में अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरकों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे लागत बढ़ने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। सामान्य उर्वरकों के स्थान पर नैनो उर्वरकों के प्रयोग से किसानों की लागत कम होगी, उत्पादकता में वृद्धि होगी तथा बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त होगा। नैनो उर्वरक सामान्य उर्वरकों का एक बेहतर विकल्प हैं।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी बस्ती ने आग्रह करते हुए कहा कि मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने हेतु रासायनिक खादों का प्रयोग संतुलित मात्रा में करें, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर उन्हें मिट्टी में मिलाएं, जैविक खादों का अधिकाधिक उपयोग करें तथा फसल चक्र अपनाएं। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील करते हुए कहा कि इससे धरती माता का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।
उनके द्वारा नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आधुनिक, लाभकारी खेती को अपनाने हेतु सभी को प्रेरित किया गया।
साथ ही किसानों के लिए फार्मर आईडी की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि फार्मर आईडी किसानों की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान होगी, जो आधार कार्ड की तरह 12 अंकों की विशेष पहचान संख्या के रूप में विकसित की जा रही है। इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, भूमि विवरण, बैंक खाता एवं आधार संख्या लिंक होगी। भविष्य में इसी फार्मर आईडी के माध्यम से रासायनिक खादों का वितरण किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी एवं वास्तविक किसानों तक लाभ पहुंच सकेगा।
क्षेत्रीय अधिकारी को बस्ती श्री शुभम विश्वकर्मा जी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया और अंत में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम को संपन्न करने की घोषणा की उक्त कार्यक्रम के दौरान
SFA बस्ती आलोक कुमार हॉटस्पॉट SFA अनुज कुमार गौतम
निखिल त्रिवेदी इंचार्ज इसको किसान सेवा केंद्र बस्ती जनपद की समस्त सचिव अध्यक्ष श्री दिनेश उपाध्याय जी मंत्री श्री राम शरण शर्मा श्री अजीत सिंह श्याम नारायण बर्मा श्री पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।

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