
राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, 11 मई। सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष तथा मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार सोमवार को देशव्यापी स्तर पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया।
देवस्थान विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर, गुजरात में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का सीधा प्रसारण किया गया।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में जयपुर के श्री झारखंड महादेव मंदिर में हुआ। इसके साथ ही प्रदेश के 41 जिलों के प्रमुख शिवालयों में भी विशेष आयोजन किए गए। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सभी जिलों में किया गया।
*शिखरबंद महादेव मंदिर में हुआ सीधा प्रसारण*
जिला प्रशासन एवं देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जूनागढ़ के सामने स्थित शिखरबंद महादेव मंदिर परिसर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया।
इस दौरान जिला कलेक्टर श्री निशांत जैन महाआरती में शामिल हुए। उन्होंने रुद्राभिषेक भी किया।
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त श्री गौरव सोनी ने बताया कि ऋग्वेदीय रांकावत वेद पाठशाला के उपप्राचार्य शास्त्री पंडित यज्ञ प्रसाद शर्मा के आचार्यत्व में पांच वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक किया गया। परिसर में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से मुख्य एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इसी श्रृंखला में प्रसाद वितरण, फूलों की रंगोली और सजीव झांकी प्रस्तुत की गई।
ब्रह्म गायत्री शक्तिपीठ के अधिष्ठाता दाताश्री रामेश्वरानंद जी महाराज ने केंद्र सरकार की इस पहल की सराहना की। साथ ही आमजन को अपनी संस्कृति एवं धार्मिक स्थलों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
श्रीमती सुमन छाजेड़ ने सोमनाथ स्वाभिमान पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ अब केवल एक पुनर्स्थापित मंदिर ही नहीं, बल्कि एक जीवंत तीर्थ के रूप में स्थापित है, जो मूल्यों, स्मृति और उत्तरदायित्व की निरंतर धारा का प्रतीक है। इस दौरान सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से संबंधित पुस्तक का प्रदर्शन एवं वितरण भी किया गया।
*मंदिर में भक्तों की भीड़, आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंजा परिसर*
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा। सुबह से ही शिवालय में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शंख, घंटा-घड़ियाल और मंत्रोच्चार की गूंज से वातावरण शिवमय हो गया। मंदिर को फूल-मालाओं और रंगोली से सजाया गया। वैदिक मंत्रों की ध्वनि से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।गर्भगृह में चंदन-केसर से विशेष श्रृंगार किया गया।
इस दौरान डॉ.सत्य प्रकाश आचार्य, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) श्री रमेश देव, नगर निगम उपायुक्त श्री यशपाल आहूजा, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री सत्येंद्र सिंह राठौड़, निरीक्षक श्रीमती सोनिया रंगा, सहायक पर्यटन अधिकारी श्रीमती नेहा शेखावत सहित पर्यटन और देवस्थान विभाग के कार्मिक, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

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