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संस्कारों को बचाने की अनूठी पहल—डॉ. ग्याशी राम गुप्ता वैदिक परंपराओं के माध्यम से जगा रहे पारिवारिक संस्कृति

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
भिवाड़ी। आधुनिक जीवनशैली और पाश्चात्य प्रभाव के दौर में जहां पारिवारिक संस्कार धीरे-धीरे कमजोर होते जा रहे हैं, वहीं समाजसेवी डॉ. ग्याशी राम गुप्ता द्वारा भारतीय संस्कृति और “16 संस्कारों” को पुनर्जीवित करने की एक प्रेरणादायक मुहिम चलाई जा रही है। डॉ. गुप्ता अब परिवारों में जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ एवं अन्य पारिवारिक अवसरों को वैदिक रीति-रिवाजों और यज्ञ के माध्यम से मनाने पर विशेष जोर दे रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने संस्कारों और संस्कृति से जुड़ी रहे।
इस अभियान की शुरुआत उन्होंने स्वयं अपने परिवार से की। उन्होंने अपना जन्मदिन गायत्री यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चारण एवं यज्ञ के साथ मनाया। इसके पश्चात अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर अपनी धर्मपत्नी श्रीमती शशिकला गुप्ता का जन्मदिन भी गायत्री परिवार के सानिध्य में यज्ञ कराकर संस्कारमय वातावरण में मनाया। इसी क्रम में अपने भतीजे की शादी की वर्षगांठ को भी कजरिया ग्रीन में गायत्री परिवार के आचार्यों द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराया गया।
इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज भिवाड़ी में डॉ. पीएम गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा गुप्ता की वैवाहिक वर्षगांठ गायत्री यज्ञशाला में बड़े ही श्रद्धा और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में आचार्य हरिराम जी एवं आचार्य के. पारीक जी ने मंत्रोच्चारण एवं यज्ञ संपन्न कराते हुए भारतीय संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का महत्व बताया।
इस अवसर पर डॉ. ग्याशी राम गुप्ता ने कहा कि “हमारे 16 संस्कार केवल धार्मिक परंपराएं नहीं, बल्कि जीवन को श्रेष्ठ, अनुशासित और संस्कारित बनाने का माध्यम हैं। यदि बच्चों को बचपन से ही संस्कारों का ज्ञान दिया जाए, तो वे ज्ञानवान, राष्ट्रवादी और समाजसेवा की भावना से ओत-प्रोत बनेंगे।”
उन्होंने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि भिवाड़ी क्षेत्र में कोई भी परिवार यदि अपने घर में 16 संस्कारों से जुड़ा कोई आयोजन वैदिक पद्धति से करवाना चाहता है, तो गायत्री परिवार के आचार्य निशुल्क सेवा देने के लिए सदैव तैयार हैं। उनका उद्देश्य केवल एक ही है—भारतीय संस्कृति, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को पुनः समाज में स्थापित करना।
कार्यक्रम में डीसी यादव जी, बीडी शर्मा जी, रेणुका शर्मा, पंकज शर्मा सहित गायत्री परिवार के अनेक सदस्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पुष्प वर्षा एवं मंगल गीतों के साथ दंपति को शुभकामनाएं दीं और भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का संकल्प लिया।
यह पहल आज समाज के लिए एक प्रेरणा बनती जा रही है, जो यह संदेश देती है कि यदि परिवार संस्कारों से जुड़ा रहेगा, तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनेंगे।

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