पन्ना (मध्य प्रदेश)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रामनवमी का पर्व बड़े ही उमंग, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री राम और माता सीता की सजीव चेतन झांकी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहन ने सभी उपस्थित लोगों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि मानव श्रीराम के आदर्शों—माता-पिता की आज्ञा का पालन, भाईचारा, गुरु के प्रति श्रद्धा, मित्रों के प्रति सहयोग और जनता के प्रति सेवा भावना—को अपने जीवन में अपनाए, तो वह भी आदर्श जीवन जी सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम ने जीवनभर अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन धैर्य, विनम्रता और मर्यादा का मार्ग कभी नहीं छोड़ा। उनका जीवन त्याग और तपस्या की मिसाल है, जहां उन्होंने दूसरों के सुख के लिए अपना राज्य और वैभव तक त्याग दिया। यही कारण है कि श्रीराम आज भी जन-जन के हृदय में बसते हैं।
ब्रह्माकुमारी बहन ने संदेश दिया कि जब तक मनुष्य अपने अंदर के दुर्गुणों और आसुरी प्रवृत्तियों रूपी रावण का अंत नहीं करेगा, तब तक उसके भीतर सद्गुणों रूपी राम का जन्म नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में रामभक्त बनने के लिए हमें श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में उतारना होगा और लक्ष्मण की तरह मन को नियंत्रित कर रामराज्य की स्थापना का लक्ष्य रखना होगा।
इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर श्रीराम की आरती एवं पूजन किया और समाज से भ्रष्टाचार, अनीति और अधर्म को समाप्त करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में श्रीमती निशा जैन (पूर्व प्राचार्य), भूपेंद्र खरे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचार व्यक्त किए और भक्ति भाव से कार्यक्रम में सहभागिता