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अल्फ़ा वेव्स से मन–मस्तिष्क का संतुलन: योग व ध्यान से तनावमुक्त जीवन की वैज्ञानिक कुंजी – डॉ सुनील सिंह 

ध्यान, प्राणायाम और योग अभ्यास से बढ़ती हैं अल्फ़ा तरंगें, मानसिक शांति व स्वास्थ्य में होता है व्यापक सुधार

 

बस्ती से वेदान्त सिंह

 

(वेदांत टाइम्स/बस्ती टाइम्स 24 न्यूज,डॉ नवीन सिंह)

दिल्ली। योग और न्यूरोसाइंस के समन्वय से यह स्पष्ट हो रहा है कि मस्तिष्क की अल्फ़ा तरंगें (Alpha Waves) मानसिक शांति, एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन की आधारशिला हैं। 8 से 12 हर्ट्ज़ की आवृत्ति पर सक्रिय होने वाली ये तरंगें उस अवस्था में प्रबल होती हैं, जब व्यक्ति शांत, सजग और तनावमुक्त होता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु डॉ. सुनील सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अल्फ़ा तरंगें चेतन और अवचेतन मन के बीच सेतु का कार्य करती हैं। इनके सक्रिय होने से मानसिक शोर कम होता है, मन–शरीर समन्वय बेहतर होता है और रचनात्मकता का विकास होता है। योग की भाषा में यह अवस्था सत्त्व गुण और संतुलित प्राण प्रवाह का संकेत मानी जाती है।

उन्होंने बताया कि अल्फ़ा तरंगों के बढ़ने से चिंता, भय और ओवरथिंकिंग में कमी आती है, स्मरण शक्ति व सीखने की क्षमता बढ़ती है तथा रक्तचाप, तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) और नींद संबंधी समस्याओं में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

योग अभ्यासों की भूमिका

डॉ. सिंह के अनुसार ध्यान (विशेषकर श्वास-स्मृति ध्यान), नाड़ी शोधन व भ्रामरी प्राणायाम, शवासन, त्राटक तथा ॐ (AUM) का जप अल्फ़ा तरंगों को बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी हैं। इन अभ्यासों से पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, जिससे मस्तिष्क रिलैक्स मोड में प्रवेश करता है।

वैज्ञानिक प्रमाण

न्यूरोसाइंस शोधों में भी योग व ध्यान के लाभ प्रमाणित हुए हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और NIMH सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के अध्ययनों के अनुसार ध्यान से अल्फ़ा वेव्स की शक्ति बढ़ती है और तनाव में उल्लेखनीय कमी आती है। Frontiers in Human Neuroscience (2014) में प्रकाशित शोध में प्राणायाम से ध्यान क्षमता और अल्फ़ा तरंगों में वृद्धि की पुष्टि की गई है।

निष्कर्ष

डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि अल्फ़ा तरंगों को बढ़ाना जीवन से पलायन नहीं, बल्कि जीवन को शांति, स्पष्टता और संतुलन के साथ जीने की कला है। योग, प्राणायाम और ध्यान के नियमित अभ्यास से मस्तिष्क स्वाभाविक रूप से अल्फ़ा अवस्था में रहने लगता है।

उन्होंने संदेश देते हुए कहा,

“शांत मस्तिष्क ही स्वस्थ, सफल और आनंदमय जीवन की कुंजी है।”

— डॉ. सुनील सिंह

(अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु)

योग लवर फाउंडेशन

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Vedant Singh S/O Dr. Naveen Singh Mo. Belwadandi Po. Gandhi Nagar Basti Pin . 272001 Mob 8400883291 BG . O Positive vsvedant12345@gmail.com

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