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नेपाल की धरती पर भारत विरोधी गतिविधियाँ नहीं होने दी जाएँगी – परमानन्द झा
वैश्विक शांति सम्मेलन में प्रतिभाओं को मिला “एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड’’

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
जयपुर / काठमाण्डू। अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच एवं इण्डो-नेपाल समरसता ऑर्गनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में नेपाल की राजधानी काठमाण्डू में आयोजित वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन, विचार प्रेजेंटेशन कार्यक्रम एवं नागरिक अभिनन्दन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर 25 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं पूर्व मुख्य न्यायाधीश माननीय परमानन्द झा रहे। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नेपाल की धरती पर किसी भी प्रकार की भारत-विरोधी गतिविधियों को कभी पनपने नहीं दिया जाएगा।”
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में न्यायमूर्ति गिरीश चन्द्र लाल (सुप्रीम कोर्ट नेपाल), न्यायमूर्ति लोकेन्द्र मलिक (हाई कोर्ट नेपाल), पूर्व उपप्रधानमंत्री राजेन्द्र महतो, जगतगुरु शक्ति बाबा, पूर्व राजदूत डॉ. विष्णुहरि नेपाल (जापान), इन्दिरा राणा मगर (उपाध्यक्ष, प्रतिनिधि सभा नेपाल), पदम सुन्दास (पूर्व राजदूत, बहरीन), डॉ. निर्मल विश्वकर्मा (पूर्व राजदूत, दक्षिण अफ्रीका), एम.पी. साहू (विदेश मंत्री, नेपाल सरकार),रेखा यादव (सांसद), कृष्ण कुमार यादव (मुख्यमंत्री, मधेश प्रदेश), रोहित महाराज (सलाहकार, मुख्यमंत्री सिक्किम), तथा श्री हुकुमचंद गणेशिया (चांसलर, इंटरनेशनल ग्लोबल रोमा कल्चर यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली) विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह सम्मेलन वियना कन्वेंशन 1972 एवं जिनेवा कन्वेंशन 1949 के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश वंदना से हुआ।
मंच के संस्थापक एवं संरक्षक, नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानन्द झा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच की स्थापना वर्ष 2009 में भारत-नेपाल की वैदिक संस्कृति के संरक्षण, वसुधैव कुटुम्बकम्, वैश्विक बंधुत्व, भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने, संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत को स्थायी सदस्यता व वीटो पावर दिलाने जैसे उद्देश्यों के साथ की गई थी। उन्होंने कहा कि यह मंच निरंतर इन्हीं मूल्यों के लिए कार्यरत है।
समारोह में 05 वैश्विक राजदूतों (Global Ambassadors) -प्रदीप राठी, आशा डामोर, तुहिना प्रकाश शर्मा, सवेन्द्रजीत सिंह एवं एम. देव राजन कृ को वैश्विक शांति में योगदान हेतु मनोनीत किया गया।
इस अवसर पर नेपाली सांस्कृतिक मंडल द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम में मंच के संस्थापक सदस्य स्व. महावीर प्रसाद टोरडी के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। उनके उत्तराधिकारी के रूप में डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा (एडवोकेट, ईस्ट-वेस्ट लॉ फर्म, काठमाण्डू) को मंच की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति द्वारा उन्हें विशिष्ट सलाहकार के रूप में भी नामित किया गया।
कार्यक्रम में जगद्गुरु शक्ति बाबा को “जम्बूद्वीप पद्मश्री 2025”, 31 विशिष्ट प्रतिभाओं को एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड, 11 प्रतिभाओं को अटल गौरव अलंकरण, तथा 31 प्रतिभाओं को वैश्विक एकता अलंकरण से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन जम्बूद्वीप पद्मश्री इंजी. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय (एडवोकेट) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक नरेन्द्र पासवान (राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेपाली कांग्रेस समर्थित मधेशी दलित गैर-सरकारी महासंघ) ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
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