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गुवाहाटी से बुमला तक 14वीं तवांग तीर्थ यात्रा – “तिरंगा फॉर कैलाश” थीम के साथ संपन्न

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
भारत तिब्बत सहयोग मंच के तत्वावधान में माननीय डॉक्टर इंद्रेश कुमार जी के मार्गदर्शन और मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री आदरणीय पंकज गोयल के सानिध्य में 14वीं तवांग तीर्थ यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा गुवाहाटी से शुरू होकर बुमला बॉर्डर, भारत–तिब्बत सीमा तक संपन्न हुई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कैलाश मानसरोवर को चीन के अधिपत्य से मुक्त करवाना है। इस बार यात्रा का थीम “तिरंगा फॉर कैलाश” रखा गया।
इस यात्रा में संपूर्ण भारत के 19 राज्यों के 250 तीर्थ यात्रियों ने भाग लिया। बीकानेर से यात्रियों ने मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुधा आचार्य और राष्ट्रीय सहसंयोजक, प्रकृति संरक्षण प्रकोष्ठ के नेतृत्व में प्रस्थान किया। यात्रा मार्ग में तवांग, दिरांग, बलिमू होते हुए भारत–तिब्बत सीमा, बुमला तक पहुँची।
असम और अरुणाचल प्रदेश में यात्रा के विभिन्न स्थलों पर विधायकों और स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा तीर्थ यात्रियों का स्वागत और सम्मान किया गया। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस यात्रा को अद्वितीय और प्रशंसनीय बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मंच द्वारा तिब्बत की स्वतंत्रता हेतु किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
यात्रा के दौरान “चीन पछाड़ भैरव” की पूजा अर्चना की गई। यह परंपरा बीकानेर की सुधा आचार्य द्वारा शुरू की गई थी। इस बार भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी रूपेश कुमार जी और संगठन महामंत्री पंकज गोयल के सानिध्य में यह पूजा विधिपूर्वक की गई। तीर्थ यात्रियों और पदाधिकारियों ने भक्ति पूर्ण वातावरण में मंत्रोच्चार के साथ भैरव जी की पूजा की और बीकानेर की भुजिया व मिष्ठान का भोग अर्पित किया।
यात्रियों ने भैरवनाथ से प्रार्थना की कि जिस प्रकार वे भारत–तिब्बत सीमा पर स्थित बुमला तक पहुँचे, उसी प्रकार एक दिन सभी कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य हमेशा कैलाश मानसरोवर की चीन से मुक्ति की दिशा में समर्पित रहा है।
यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष 18 नवंबर से 25 नवंबर के मध्य किया जाता है, ताकि 1962 में चीन द्वारा भारत पर किए गए आक्रमण में बलिदान हुए सैनिकों की स्मृति को याद किया जा सके। इस बार यात्रा में राष्ट्रीय पदाधिकारी दीपक शर्मा, कपिल त्यागी, रविंद्र जी, शिवम रावत, राधा रानी, मीनू शर्मा सहित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कई सदस्य उपस्थित रहे।
यात्रा को सफल बनाने में सुधा आचार्य और तवांग तीर्थयात्रा समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा, जिनका मंच द्वारा सम्मान किया गया।

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