उत्तर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़लखीमपुर खीरीव्यापार
पलिया कलां में सत्यम मोबाइल टेलीकॉम पर भ्रष्टाचार व ठगी का बड़ा खुलासा — प्रशासन मौन, ग्राहकों में रोष

रिपोर्ट डॉक्टर संजय कुमार पांडेय स्टेट हेड उत्तर प्रदेश मोबाइल नंबर 7376 32 6175
पलिया कलां (जनपद लखीमपुर खीरी) — क्षेत्र की चर्चित सत्यम मोबाइल टेलीकॉम शॉप को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। दुकान पर मोबाइल एक्सेसरीज़ एवं इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स में हजारों उपभोक्ताओं से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि छोटे-छोटे सामान पर भी 600 से 700 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, वहीं महंगे मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स में मनमाने रेट वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में एक ग्राहक द्वारा Yuvaan Power Bank (20000 mAh, 15W) खरीदा गया, जिसका अधिकतम बाजार मूल्य ₹1000–₹1100 होता है, लेकिन दुकान द्वारा ₹1700 वसूले गए। ग्राहक के पास पेमेंट हिस्ट्री और रसीद भी उपलब्ध है, जो आरोप को पुष्ट करती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से यह दुकान विश्वास व भरोसे के नाम पर ठगी करने वाली टीम (गैंग) की तरह संचालित हो रही है, जबकि प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। चर्चा यह भी है कि दुकान संचालक के कुछ छुटभैया राजनीतिक नेताओं से संपर्क होने के कारण शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
पर्यटन स्थल होने का भी मिलता है फायदा
पलिया कलां को मिनी लखनऊ कहा जाता है और दुधवा नेशनल पार्क, नेपाल बॉर्डर, चंदन चौकी, संपूर्णा नगर व थारू जनजाति क्षेत्र होने के कारण हर वर्ष देश–विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। आरोप है कि यहां आने वाले भोले-भाले लोगों को प्यार और भरोसे के नाम पर ठगा जाता है, जिससे मोटी कमाई होती है।
जनता में गुस्सा, योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जब छोटे आइटम पर ₹600–₹700 की ठगी हो रही है, तो मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य महंगे उत्पादों में ठगी का स्तर कितना बड़ा होगा — आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
लोगों का साफ कहना है कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार व ठगी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को खुली चुनौती है।
फिलहाल बड़ा सवाल — होगी कानूनी कार्रवाई या मामला दब जाएगा?
क्षेत्र के नागरिकों एवं ग्राहकों ने डीएम लखीमपुर, एसडीएम पलिया व पुलिस प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि —
👉 क्या आरोपों की जांच कर ठगी के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
या 👉 लेन–देन, दबाव और राजनीतिक पहुंच के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?


Subscribe to my channel


