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अमृत के समान हे त्रिफला का सेवन करना – डॉ नवीन सिंह
मानव शरीर के समस्त रोगों का निदान करता है त्रिफला

अखंड/संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट के निदेशक, वरिष्ठ आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह ने बताया कि पाचन के लिए त्रिफला के फायदे त्रिफला के औषधीय गुण पाचन शक्ति में सुधार कर पेट से संबंधित परेशानियों से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। खाने को अच्छे से पचाने के साथ ही त्रिफला शरीर में खाने को अवशोषित करने में भी मदद कर सकता है यह पेट से संबंधित अन्य समस्याओं जैसे – कब्ज और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम को भी ठीक कर सकता है।
आंखों के लिए त्रिफला के फायदे त्रिफला आंखों के स्वास्थ्य के लिए टॉनिक का काम कर सकता है। यह आंख के लेंस में ग्लूटाथिओन (एक तरह के एंटीऑक्सीडेंट) के स्तर को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, त्रिफला मोतियाबिंद के जोखिम को कम करने में भी कुछ हद तक मददगार हो सकता है।
डॉ नवीन सिंह ने बताया कि त्रिफला चूर्ण को रातभर पानी में भिगोकर इसके पानी को छानने के बाद आंखों को धोने में इस्तेमाल किया जाता है। यह आंखों की लालीमा और मोतियाबिंद दोनों के लिए फायदेमंद माना गया है।
वजन कम करने के लिए त्रिफला चूर्ण के फायदे व्यायाम या योग के साथ-साथ अगर त्रिफला चूर्ण का सेवन किया जाए, तो फर्क नजर आ सकता है। वजन कम करने के लिए त्रिफला चूर्ण को गर्म पानी के साथ मिलाकर दिनभर में दो से तीन बार सेवन कर सकते हैं।
कब्ज के लिए त्रिफला चूर्ण के फायदे कब्ज की समस्या से बचने के लिए रोज रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म पानी में एक से दो चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाकर सेवन किया जा सकता है। ध्यान रहे कि इसे पीने के बाद किसी और चीज का सेवन नहीं करना चाहिए।
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रक्तचाप और स्वस्थ हृदय के लिए त्रिफला चूर्ण को रक्तचाप नियंत्रित रखने और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है।यह कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोगों से बचाने में मदद कर सकता है।
डॉ नवीन सिंह ने बताया कि वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के लिए त्रिफला के फायदे वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा कम करने के लिए त्रिफला चूर्ण का उपयोग किया जा सकता है। सालों से आयुर्वेद में त्रिफला को वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों से शरीर को बचाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता रहा है। दरअसल, त्रिफला चूर्ण में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटीपायरेटिक बुखार कम करने वाला) गुण होते हैं। एंटी-बैक्टीरियल गुण एक ओर जीवाणुओं से शरीर को बचाने में मदद करता है,
रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए त्रिफला के फायदे
त्रिफला में इम्यूनिटी मॉडयूलेटरी गुण होते हैं। दरअसल, रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होते ही शरीर को तरह-तरह की बीमारी जकड़ लेती है। ऐसे में त्रिफला में मौजूद विभिन्न एक्टिव कंपाउंड जैसे – गैलिक एसिड कलयुग में मानव के लिए त्रिफला वरदान के रूप में साबित होता है क्योंकि पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और वात पित्त कफ तीनों को ठीक संतुलन करता है


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