नीमच। शुक्रवार को शहर के महू रोड़ क्षेत्र में बस की टक्कर से एक 13 वर्षीय मासूम बालक गंभीर घायल हो गया था। बालक के पैर में चोट आने पर परिजन निजी चिकित्सालय ले गए थे। जहां बालक का पैर काटना पड़ा, लेकिन दु:खुद बात यह है कि पैर काटने के बाद भी मासूम बालक की जान नही बचाई जा सकी। बताया जा रहा है कि महू रोड़ पर टाटा शौरूम के सामने तेज रफ्तार से आ रही ग्वाला बस क्रमांक एमपी 14 पीए 1260 के चालक ने नीमच से हिंगोरिया की ओर जा रहे बाइक चालक आनंद मालवीय और बाइक पर पीछे बैठे 13 साल के आयुष पिता बंटी मालवीय निवासी हाड़ी पिपलिया को टक्कर मार दी थी, जिससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया था और बाइक सवार आनंद और आयुष गिर गए थे। इस गंभीर हादसे में मासूम बालक आयुष के दाहिने पैर पर बस का पीछे का टायर चढ़ गया था। गंभीर हालात आयुष को परिजन श्रीराम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां आयुष की जान बचाने चिकित्सकों को आयुष का दाहिना पैर काटना पड़ा था, लेकिन देर शाम उपचार के दौरान आयुष ने दम तोड़ दिया। मामले में परिजनों ने आरोपी बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बेलगाम दौड़ रही बसे, कार्रवाई के नाम पर फिसड्डी यातायात विभाग शुक्रवार को घटित हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद यह तो स्पष्ट हो गया कि बेलगाम दौड़ रही बसो पर कार्रवाई करने में यातायात और परिवहन विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। गौरतलब है कि बीते तीन दिन पूर्व ही पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने बसो पर कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए थे, लेकिन निर्देशो का कितना पालन हुआ इसकी पोल शुक्रवार को ग्वाला बस चालक द्वारा किए गए इस हादसे से खुल गई है। यातायात अमला मुकदर्शक बनकर सड़को पर खड़ा रहता है और निजी बसे सड़को पर सरपट दौड़ रही है। जानकारी के अनुसार बस चालक नीमच बस स्टैंड पर जल्दी पहुंचकर सवारिया एकत्रित करने की जद्दोजहद में तेज गति से बसो को दौड़ाते है और इन्ही लापरवाहियों के चलते पूर्व में भी कई गंभीर हादसे देखने को मिले है। तेज रफ्तार से दौड़ने वाली इन बसो के कारण आए दिन हादसे होते रहते है। बावजूद इसके न तो कभी यातायात विभाग ने कोई ठोस कमद उठाया न ही परिवहन विभाग ने। जिसका नतीजा है कि मासूम बालक आयुष को जान चली गई।