जी हां मध्य प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बनी मनासा तहसील की ग्राम पंचायत दाता जिसने देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ वो कर दिखाया ₹500 के स्टांप पेपर पर अपने ही अधिकार किसी अन्य व्यक्ति को देकर सुर्खियां बटोरी जब स्टांप पेपर लीक हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा और तुरंत एक्शन में आए जिला जनपद सीईओ अमन वैष्णव तत्काल कार्यवाही कर सभी को 10 फरवरी को उपस्थित होने का कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। और 10 फरवरी को दाता पंचायत के सरपंच को सरपंच पद से पृथक कर आदेश पारित किया गया।। देश के सबसे बड़े राज पंचायती राज में पहले कभी नहीं हुआ वह देखने को मिला देश के अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पंचायत में कई सुर्खियां बटोरी। सरपंच कैलाशी बाई जगदीश चंद्र कछावा ने₹500 के स्टांप पेपर पर लिखकर दिया कि वह पंचायत में होने वाले सभी विकास कार्य सुरेश गरासिया करेंगे। इस पंचायत के अंतर्गत चार से पांच गांव लगभग छोटे-छोटे आते हैं जिससे यह पंचायत बनी है चारों गांव में पिछले कई वर्षों से लगभग कोई विकास देखने को नहीं मिल रहा है सचिव भी अपनी मनमानी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की ओर ध्यान नहीं लग रहे। सिर्फ कागजों में कर रहे हैं विकास धरातल पर नहीं दिखाई दे रहा है कोई विकास पंचायत के सचिव व रोजगार सहायक हो गए हैं गब्बर नहीं हुआ इस पंचायत में विकास सब के सब मिले हुए और अब सरपंची भी किसी अन्य को देकर इस पंचायत ने सुर्खियां बटोरी पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था और इस बार भी सरपंच कैलाशी बाई जगदीश चंद्र कच्छावा को सरपंच पद से पृथक का आदेश जारी किया गया।।।
*जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने ग्राम पंचायत दाता की सरपंच कैलाशी बाई को किया पद से पृथक, आदेश जारी किया
नीमच 10 फरवरी 2025जिला पंचायत के सीईओ श्री अमन वैष्णव ने मनासा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दाता की सरपंच श्रीमती कैलाशी बाई पति श्री जगदीश कच्छावा को सरपंच के पद से पृथक करने का आदेश जारी किया है
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत दाता की सरपंच श्रीमती कैलाशी बाई द्वारा सरपंच पद का दायित्व ₹500 के स्टांप पर अन्य व्यक्ति को अनुबंध कर सौंपने का मामला जिला पंचायत सीईओ के संज्ञान में आया था इस पर यह कार्रवाई की गई है ।विकासखंड की ग्राम पंचायत दाता की महिला सरपंच ने जिस प्रकार सरपंची गिरवी रख सुर्खियां बटोरी, यह मामला इस पंचायत के लिए कोई नई बात नहीं हैं। क्यूं कि दाता पंचायत कुछ वर्षों पूर्व ही सुर्खियां बटोर चुकी थी। जहां पूर्व सरपंच, सचिव व सहायक सचिव ने जमकर भ्रष्टाचार किया। जांच में सभी दोषी पाए जाने पर प्रशासन ने सचिव व सहायक सचिव को निलंबित कर दिया था। साथ सरपंच को पद से पृथक किया गया था। ….