तहसील का एक ऐसा गांव जहां पर एक नहीं बल्कि तीन-तीन बार ड्रोन सर्वे होने के बाद भी जनता अपने आशियाने के अधिकार का 70 सालो से इंतजार कर रही है। और इधर अधिकारी खेल खेल गए हुआ भ्रष्टाचार। कुछ लालची लोगो ने जनता के विश्वास का गला घोटा है और भोली भाली गरीब जनता का हक भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर अमीरों के नाम कर गए।जनता इंतजार करती रह गई और अधिकारी खेला खेल गए । खेतों में रेल चला गए।।ड्रोन सर्वे में हुए सर्वे की जहां जनता की इमारतें धरी की धरी रह गई ।जहां पट्टे वितरण होना थे वहां नहीं हुए और काले खेतों में पट्टे वितरण हो गए।और अधिकारी खेत नाप गए। आखिर जिम्मेदार कौन इतना बड़ा भ्रष्टाचार होने के बावजूद किसी भी अधिकारी के जू तक नहीं रेंगी। आखिर इतना बड़ा भ्रष्टाचार एक दो अधिकारियो नहीं बल्कि इसमें ऊपर तक अधिकारियों ने मिली भगत करके इस तरह ड्रोन सर्वे के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है। आखिर कहां-कहां तक पहुंचा भ्रष्टाचार किन-किन के हाथ रंगे हुए हैं इस ड्रोन सर्वे के भ्रष्टाचार में। जनता की आबादी आज भी अधूरी है। और अधिकारी खेतों में खेला खेल गए।। जहां छत नहीं वहां छत बना गए लोग और जहां छत है वहां छत के लिए तरस रहे लोग।। चंद् रूपों के खातिर जनता की आस का गला घोट गए लोग। अगली ख़बर में करेगें खुलासा गांव खसरा प्लाट नंबर वह किन-किन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया है।अधिकारियों के नाम सहित होगा खुलासा इंतजार करें हमारे अगले एपिसोड का,,,