राजकीय महाविद्यालय नारनौल के रेड रिब्बन व यूथ रेडक्रॉस प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय सेवा योजना के सानिध्य और जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ रमेश चंद्र आर्य, स्वास्थ्य विभाग और भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा उच्चतर शिक्षा आयुक्त के सौजन्य से तथा प्राचार्य डॉ पूर्ण प्रभा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ पूर्ण प्रभा ने विधार्थियों को बताया कि एक स्वस्थ्य शरीर के लिए अच्छा और पोषणयुक्त भोजन बहुत जरूरी है।
*उन्होंने कहा कि उचित आहार विहार और व्यवहार से सम्पूर्ण स्वास्थ्य को प्राप्त किया जा सकता है।बच्चों की आंतों में परजीवी होने के कारण वह उनके खराब शारीरिक और मानसिक विकास, एनीमिया और कुपोषण की स्थिति को पैदा करते हैं। जो उन्हें लंबे समय की परेशानियों से ग्रसित कर सकता है, इससे उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता। जिसकी रोकथाम और निपटारा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को मनाया जाता है।*
रेड रिब्बन और यूथ रेड क्रॉस क्लब के नोडल अधिकारी डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 में की गई थी और तभी से प्रति वर्ष 10 फरवरी से 15 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस सप्ताह मनाया जा रहा है और 20 फरवरी को मोपअप दिवस मनाया जाएगा, जिसमें 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्वेंडाजोल टेबलेट प्रदान कर देश को कृमि मुक्त बनाना है।
*महाविद्यालय के कुल सचिव और राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ सत्य पाल सुलोदिया ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य आंतों के कीड़े के बारे में जागरूक करना और आंत्र कृमि, उनके प्रकार, बढ़ते बच्चों में उनकी रोकथाम तकनीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डॉ जगमोहन और डॉ नरेन्द्र की रहनुमाई में चंपा यादव मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर फीमेल और सुनिता कादयान आशा वर्कर ने करीब 2000 विधार्थियों को कृमि नाशक एल्वेंडाजोल टेबलेट को वितरित किया बाकी विद्यार्थियों को मॉप-अप दिवस 20 फरवरी को कृमि नाशक एल्वेंडाजोल टेबलेट को वितरित किया जाएगा और साथ ही सभी विद्यार्थियों और को अच्छा भोजन और स्वास्थ्य जागरूकता की शपथ दिलाई गई।*
इस मौके पर डॉ सतीश सैनी, डॉ पलक, डॉ भारत भूषण, डॉ प्रियंका शर्मा और समस्त स्टाफ सदस्यों और विधार्थियों को इस कार्य क्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।