
महेंद्रगढ़ से सतीश कुमार की रिपोर्ट
नारनौल, 26 जनवरी।
आईटीआई मैदान में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में आज सहकारिता एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डा. बनवारी लाल ने राष्टï्रीय ध्वज फहराया। इसके साथ ही उन्होंने परेड का निरीक्षण किया तथा मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह को भव्य रूप देने के लिए स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बच्चों ने पीटी प्रदर्शन किया।

इस मौके पर गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए श्री बनवाली लाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस के साथ हमारे देशभक्तों के त्याग और बलिदान की एक लंबी गौरवगाथा जुड़ी हुई है। हमारे पूर्वजों के लंबे संघर्ष के बाद हमेंं आजादी मिली थी तथा उसके बाद आज ही के दिन देश में संविधान लागू हुआ था। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों के साथ-साथ उन जांबाज जवानों को भी याद करने का दिन है जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी।आजादी की लड़ाई में हरियाणा प्रदेश का भी अहम योगदान रहा है। आज भी हरियाणा के नौजवान सेना में भर्ती होना अपनी शान समझते हैं। यही कारण है कि आज भारतीय सेना का हर दसवां जवान हरियाणा से है।

सहकारिता एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि अमृत काल में हमें इस बात का विचार करने की आवश्यकता है कि आजादी के बाद हमने अपने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के सपनों का भारत बनाने की दिशा में कहां तक सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि हम शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। सरकार ने सैनिकों व अर्ध सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक कार्य किए हैं। युद्ध के दौरान शहीद हुए हरियाणा के सैनिकों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसी प्रकार, आई.ई.डी. बलास्ट में शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। वहीं युद्ध अथवा आतंकवादियों से मुठभेड़ या किसी अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैनिकों और अर्ध सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि नि:शक्ता के आधार पर बढ़ाकर 35 लाख रुपये, 25 लाख रुपये और 15 लाख रुपये की गई है। हरियाणा सरकार ने शहीदों के 365 आश्रितों को सरकारी नौकरिया दी हैं।

श्री बनवारी लाल ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंदद्र मोदी तथा हरियाणा में भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मौजूदा सरकार सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र पर प्रदेश के हर क्षेत्र का समान विकास करवाने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन एवं सुशासन के पथ पर चलते हुए कई अनूठी पहल की हैं। प्रदेश में हर व्यक्ति को उसके घर-द्वार पर ही सरकार की योजनाओं व सेवाओं का लाभ देने की शुरूआत की है। मेरी पहचान कार्यक्रम के तहत सभी परिवारों के परिवार पहचान-पत्र बनाए जा रहे हैं। देश में पहली बार बी.पी.एल. परिवारों को ऑनलाइन राशन कार्ड देने की सुविधा शुरू की है। अब परिवार पहचान पत्र के माध्यम से बिना आवेदन किए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने चिरायु योजना के तहत 1 लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले लगभग 13 लाख नए परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का काम किया है। वहींं सरकार ने अन्त्योदय परिवारों की स्वास्थ्य जांच के लिए निरोगी हरियाणा योजना भी शुरू की है। जिन गरीब परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये वार्षिक से कम है, उन बेघर परिवारों का सर्वेक्षण कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर मकान दिये जाएंगे।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत बी.पी.एल. परिवारों को 6 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है । प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-फड़ी वालों को अपना काम शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है।
किसानोंं के लिए बनी योजनाओंं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में फसलों की खरीद को सुविधाजनक बनाने हेतु मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल से किसानों को अपनी फसल बेचने के साथ-साथ खाद-बीज और कृषि उपकरणों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता प्राप्त करने में भी सुविधा हुई है। राज्य सरकार का प्रयास किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बीज से बाजार तक हर कदम पर उनकी मदद करने का है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 14 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र लघु और सीमांत किसानों को 6,000 रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा राशि को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति एकड किया है। बैंकों से किसानों के लेन-देन पर लगने वाली स्टांप फीस 2,000 रुपये से घटाकर 100 रुपये की गई है।
प्रदेश में बाजरे के लिए भी भावांतर भरपाई योजना शुरू की गई है। इसके तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया गया है। बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित करने के लिए चलाई जा रही भावांतर भरपाई योजना में 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया है। इस योजना में शामिल सभी बागवानी फसलों को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में कवर किया गया है।

उन्होंने कहा कि गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित करने के लिए हरियाणा स्मार्ट ग्राम प्राधिकरण का गठन किया गया है। तालाबों के सुधार के लिए हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण गठित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल से जल पहुंचाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है । प्रदेश के 5681 गांवों में 24 घण्टे बिजली दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल बनाने के लिए ग्राम दर्शन पोर्टल पर 6197 ग्राम पंचायतों का डिजिटल डाटा उपलब्ध है। ग्रामीणों को उनकी सम्पत्ति का मालिकाना हक देने के लिए प्रदेश लगभग सभी गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा चुका है।
हमने पंचायती राज संस्थाओं की शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया है। पी.आर.आई. के अपने फंड और ग्रांट-इन-ऐड में से छोटे या बड़े जिस भी राशि के काम होंगे, उनकी प्रशासनिक स्वीकृति ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के स्तर पर ही होगी।
समारोह स्थल पर आने से पहले समारोह के मुख्यातिथि सहकारिता एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री बनवारी लाल ने जिला सैनिक बोर्ड के प्रांगण में स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन किया। मुख्यातिथि ने समारोह के लिए दो लाख रूपए की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चोंं की एक दिन की छुट्ïटी की घोषणा भी की।

इस अवसर पर सहकारिता एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री बनवारी लाल की माता सरबती देवी, उपायुक्त डा. जयकृष्ण आभीर, डा. ज्योति आभीर, पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण, अतिरिक्त उपायुक्त वैशाली सिंह, नगराधीश डा. मंगल सैन, नगर परिषद प्रधान कमलेश सैनी, मनीष मित्तल, बीजेपी के जिला प्रधान राकेश शर्मा, जेजेपी जिला प्रधान एडवोकेट तेजप्रकाश यादव के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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