264 घंटे से नियमित रूप से हो रहे यज्ञ व रामायण पाठ का समापन हुआ

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार अलवर राजस्थान
भिवाड़ी. भिवाड़ी के निकटवर्ती टपूकडा के बूरहेडा ग्राम में स्थित श्री बाबा लक्ष्मणदास आश्रम पर 3 दिसम्बर 2022 से नियमित रूप से हो रहे यज्ञ व रामायण पाठ का 13 दिसंबर 2022 मंगलवार को समापन हुआ। जिसके साथ साथ हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे की धूनी भी हारमोनिय व ढोलक बाजे के साथ नियमित रूप से कीर्तन रहा। ग्यारह दिन से बाबा लक्ष्मणदास के सेवक स्वर्गीय सीता राम जी की मूर्ति अजान में दाबी हुई थी जिसको मंगलवार को समाधि पर स्थापित की गई। जिस उपलक्ष्य में देशी घी से बने भोजन के भंडारे का आयोजन हुआ। बाबा लक्ष्मण दास ब्रहमचारी के आश्रम भूरेड़ा में – ऐसे प्रसन्न यज्ञ कई बार हो चुके हैं। बाबा लक्ष्मण दास ने ब्रहामण कुल में जन्म लेकर बचपन से ही भक्तिमार्ग को अपनाया और बड़े होने पर नौकरी की तलाश करने पूरे राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर सेवारत रहे। भक्तिमार्ग जारी रखा और एक दिन मंदिर में रामायण पाठ करने के लिए वे चले गए और भगवान के ध्यान मे मग्न हो गए। पूरी रात रामायण पढ़ी तो रात को इनकी ड्यूटी साक्षात भगवान ने दी। उसी दिन से इन्होंने राजस्थान पुलिस से स्थीफा दे दिया और अलवर अट्टा मंदिर जाकर रामदास महाराज को गुरु बना लिया। गुरु की आज्ञा मानकर अपने गाँव मुण्डनवाडा में जाकर माता से आज्ञा लेकर तपस्या के लिए गरवाजी महाराज (अलवर) जाकर भूखे-प्यासे रहकर कठोर तपस्या की जब उन्हें नहार के रूप में भगवान का साक्षातकार हो गया तब वापस वे गुरु के पास आकर गुरुआज्ञा अनुसार बूरहेड़ा आश्रम पर आए और बूरहेड़ा बस्ती का सारा दुख दूर किया। इस अवसर पर महन्त रामदास महाराज – अटटा मन्दिर अलवर, मनोहरदास महाराज – जोहड मन्दिर टपुकडा व कालीनाथ झाडसा, त्रिवेणीनाथ महाराज – कपूरी की पहाडी हरियाणा, मोहन नाथ महाराज – सती माता मन्दिर, कमलनाथ महाराज – सूरजमुखी तिजारा, दिगम्बर तोता गीरी महन्त- किशनपुर अलवर, विष्णु दास महाराज रानीया सिरसा का शाल उढाकर विधा किया।

समाधि पर स्थापित बाबा लक्ष्मणदास की मूर्ति व आश्रम में भजन में लीन श्रद्धालु

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