
बीकानेर से डॉ राम दयाल भाटी
अलवर जिले की गढ़बसई ग्राम पंचायत के निवासी मुकेश कुमार सैन व श्रीमती सरोज देवी के सुपुत्र ऋतिक ने NEET (UG) – 2025 परीक्षा में चयनित होकर अपने परिवार और पूरे समाज का नाम रोशन किया है। ऋतिक के इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था – यह संघर्ष, समर्पण और समाजिक सहयोग की मिसाल है।
वर्ष 2020 में 94% अंकों के साथ बारहवीं (बायोलॉजी) उत्तीर्ण करने के बाद ऋतिक ने NEET की तैयारी का निश्चय किया। आर्थिक स्थिति साधारण होने के बावजूद श्री सेन समाज हैल्पिंग हैण्डस सोसायटी ने उसकी प्रतिभा पर विश्वास करते हुए सहयोग प्रदान किया।
पहला प्रयास (2021): CLC जयपुर से तैयारी करते हुए ऋतिक ने 465/720 अंक प्राप्त किए।
दूसरा प्रयास (2022): B.Sc. द्वितीय वर्ष के साथ NEET में 548/720 अंक अर्जित किए।
तीसरा प्रयास (2023): CLC सीकर से पढ़ाई करते हुए 595 अंक प्राप्त हुए लेकिन कटऑफ 610 होने से चयन नहीं हुआ।
चौथा प्रयास (2024): 640 अंक हासिल किए, लेकिन NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण मेरिट अत्यधिक बढ़ गई और फिर से 15 अंक से चूक गए।
लगातार असफलताओं के बावजूद ऋतिक ने हार नहीं मानी। जब M.Sc. व B.Ed. जैसे विकल्पों के दरवाजे भी समय निकलने के कारण बंद हो गए, तब संस्था ने एक बार फिर उसे प्रोत्साहित किया कि वह वर्ष 2025 के लिए पुनः प्रयास करे।
पांचवां प्रयास (2025): आखिरकार ऋतिक ने 549 अंक प्राप्त कर NEET परीक्षा में सफलता प्राप्त की और अपने पांच वर्षों के संघर्ष को सार्थक बना दिया।
ऋतिक की इस सफलता में न केवल उसकी मेहनत और धैर्य, बल्कि श्री सेन समाज हैल्पिंग हैण्डस सोसायटी की भूमिका भी अहम रही, जिन्होंने निरंतर पांच वर्षों तक आर्थिक और मानसिक संबल प्रदान किया।
ऋतिक की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। साथ ही यह कहानी समाज को यह संदेश देती है कि यदि हम प्रतिभाओं को सही समय पर सहयोग दें, तो वे असंभव को भी संभव बना सकती हैं।
ऋतिक, उसके माता-पिता, और सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों को हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।

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