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महाशिवरात्रि के वास्तविक अर्थ से जीवन में आता हे सुख

परमात्मा शिव को क्या चढ़ाएं कि वह खुश हो जाए?– ब्रह्माकुमारी बहन जी

लोकेशन=पन्ना।मध्य प्रदेश पन्ना
ब्यूरो चीफ=सुधीर अग्रवाल
मो.9111197808

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत आध्यात्मिक रीति से मनाया गया। शिव जी की विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत शिव ध्वजारोहण किया गया। इस पावन अवसर पर शिवजी की भव्य झांकी के साथ कलश यात्रा निकाली गई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई श्री जुगल किशोर जी मंदिर में संपन्न हुई।
बहन जी ने सभी को समझाते हुए कहा कि शिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग पर बेल-पत्र, बेर, धतूरा एवं अन्य वस्तुएं चढ़ाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। भक्तजन इस दिन विशेष रूप से रात्रि जागरण कर शिव जी की आराधना करते हैं एवं अन्न-जल का व्रत रखते हैं। परंतु परमात्मा शिव केवल भौतिक वस्तुएं अर्पित करने से प्रसन्न नहीं होते। हजारों वर्षों से शिवरात्रि पर यह विधि-विधान चलते आ रहे हैं, परंतु आज तक शिव प्रसन्न क्यों नहीं हुए?
ब्रह्माकुमारी बहनजी ने इस रहस्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिवरात्रि का सच्चा अर्थ है – अपनी बुराइयों, कुसंस्कारों और आसुरी प्रवृत्तियों को शिव को समर्पित कर आत्मा को शुद्ध बनाना।
ब्रह्माकुमारी बहनजी ने कहा कि आपको यह दिव्य संदेश देते हुए हमें अत्यंत हर्ष हो रहा है कि वर्तमान समय कलियुग और सतयुग के बीच का पुरुषोत्तम संगमयुग है। इस दिव्य समय में परमपिता परमात्मा शिव वर्ष 1936 से प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से सतयुगी दैवी सृष्टि की स्थापना का कार्य कर रहे हैं। इसलिए इस अवसर पर हम परमपिता निराकार परमात्मा शिवबाबा की 89वीं जयंती मना रहे हैं।
इस पावन अवसर पर कार्यक्रम में प्रोफेसर श्रीमती उमा त्रिपाठी, एडवोकेट श्रीमती मंजू लता जैन, पूर्व प्राचार्य श्रीमती निशा जैन, जिला अध्यक्ष श्री संतोष यादव, श्री सन्मत जैन एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे

Sudhir Agrawal

Beauro Chief Panna Madhya Pradesh

Sudhir Agrawal

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