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करक-करवा-दाशरर्थी चतुर्थी गुरुवार, 29 अक्टूबर को नहीं रहेगा भद्रा का प्रभाव, शुक्र भी हो गया उदय, अत: भ्रमित न हों : ज्योतिष मार्तंड तरुण एस भोजक 

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी

बीकानेर। संभाग मुख्यालय के युवा ज्योतिष मार्तंड तरुण एस भोजक ने बताया कि पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं 29 अक्टूबर को करवा चौथ का निर्जल व्रत रखेंगी। इसके पूर्व सुहागिन महिलाएं बाजार से चीनी और मिट्टी के करवे तथा अन्य सामान खरीदेंगी। हाथों में मेहंदी लगवाएंगी। करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार कर भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान शिव और करवा माता की पूजा करेंगी। रात को चंद्रमा का दर्शन करने के बाद व्रत खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत से अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना की जाती है। करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की रात 1.07 बजे शुरु होकर 29 अक्टूबर की रात 10.10 बजे तक रहेगी। चन्द्रोदय व्यापिनी तिथि के अनुसार व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। बकौल तरुण एस भोजक राजधानी जयपुर में चंद्रोदय रात 8.24 बजे होगा, जबकि बीकानेर में चंद्रोदय का समय रात्रि लगभग 8.35 बजे होगा। चंद्रोदय का समय शहर और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

सरगी से लेकर चंद्र दर्शन तक निभाएंगी परंपरा…

प्रथम पूज्य गणपतिजी भगवान के उपासक, ज्योतिष मार्तंड तरुण एस भोजक के मुताबिक करवा चौथ के दिन पंजाबी समाज की सुहागिन महिलाएं सज-धज कर सुबह घर की परंपरा के अनुसार सरगी ग्रहण कर व्रत का संकल्प लेंगी। चंद्रमा निकलने पर अर्घ्य देकर छलनी से चंद्र दर्शन कर पति का चेहरा देखेंगी। इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी। वहीं, सुहागिन महिलाएं शाम को करवा चौथ की कथा सुनकर भगवान की पूजा करेंगी। चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी।

पूजा के समय नहीं रहेगा भद्रा का प्रभाव..

करवा चौथ के दिन भद्रा नहीं है, क्योंकि भद्रा 28 अक्टूबर को रात्रि 01:07 बजे ही समाप्त हो जायेगी। इस जानकारी के साथ तरुण एस भोजक ने यह भी बताया कि इस दिन चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे। साथ ही गौरी योग, परिघ योग और सर्वार्थसिद्धि योग भी है।

शुक्र भी उदय हो गया, अत: भ्रमित न हो..

युवा ज्योतिर्लिंग तरुण एस भोजक के मुताबिक 28 अक्टूबर को प्रात: 07:36 बजे शुक्र का उदय हो गया है। इस प्रकार भद्रा दोष एवं शुक्रास्त दोष दोनों का असर इस व्रत पर नहीं पड़ेगा।

Dr Ram Dayal Bhati

Editor Rajasthan Mobile Number 97848 14914

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