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दीक्षार्थी जहान बेताला का मंगलभावना समारोह –

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
दीक्षार्थी जहान,भौतिक वाद सुख को छोड़ सम्पूर्ण जहान को अपना बनाते हुए संयम की और प्रस्थान- प्रोफेसर डॉ साध्वी मंगलप्रज्ञा
तेरापंथ सभा बालोतरा के अमृत सभागार के पवित्र प्रांगण में प्रोफेसर साध्वी मंगलप्रज्ञा जी के सान्निध्य में दीक्षार्थी जहान बेताला का मंगलभावना समारोह आयोजित हुआ। इस समारोह में उपस्थित विशाल जनमेदिनी को सम्बोधित करते हुए साध्वी श्री मंगल प्रज्ञाजी ने कहा- भगवान महावीर ने कहा है- शूरवीर व्यक्ति ही महापथ को स्वीकार करता है। दीक्षार्थी जहान ने छोटी उम्र में संयम मार्ग पर चलने का प्रबल संकल्प संजोया है और उसकी यह भावना फलवान बन रही है। यह ‘जहान’, जहान को छोड़कर सम्पूर्ण जहान को अपना बनाने जा रहा है। इस विशाल चिन्तन, संयम की दिशा में पराक्रम सबके लिए प्रेरणा है। “तिन्नाणं तारयाणं” का सूत्र लेकर यह प्रस्थान कर रहा है, इसकी भावना फलीभूत बने, यह शुभकामना है।
साध्वीश्री मंगल प्रज्ञा जी ने कहा- जहान की गहन वैराग्य भावना को हमने देखा चातुर्मास में हमारी सेवा उपासना में जहान और उसकी माँ नताशा हमारी प्रेरणा से आते रहे, सामायिक, तत्वचर्चा आदि के द्वारा, नताशा परिपक्व बनी, जहान को शुभ योग मिला और वह गुरु चरणों में पहुंच गया, इसकी मुझे बेयद प्रसन्नता है। गुरु चरणों में साधना की, साथ ही अपने पिता द्वारा की गई विविध परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुआ, आज वह दीक्षार्थी के रूप मे मंच पर उपस्थित है।
साध्वीश्री ने जहान को ‘विजयी भव’ का आशीर्वाद प्रदान करते हुए गुरु, संघ और अपनी आत्मा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। साध्वी श्रीजी ने कहा-एक मातापिता अपनी संतान को गुरुचरणों में समर्पित करना- एक बहुत बड़ा साहस और आदर्श है। सम्पूर्ण परिषद के लिए प्रेरणा है।
तेरापंथ युवक परिषद ने अभिनन्दन स्वर से अपने भाव प्रस्तुत किए।
तेरापंथ महिला मंडल ने मंगलसंगान किया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष राणमल जी फोलामेहता, ते.महिला मंडल अध्यक्षा चंचल भंडारी, युवक परिषद अध्यक्ष मुकेशजी कंकु चोपड़ा ने शुभकामनाएं दी। साध्वी सुदर्शनप्रभा, साध्वी डॉ राजुल प्रभा, साध्वी डॉ चैतन्य-प्रभा एवं साध्वी डॉ शौर्य प्रभा ने गीत का संगान कर आध्यात्मिक मंगलकामना की।
दीक्षार्थी जहान ने कहा- मैं आत्मा से परमात्मा बनने की दिशा में प्रस्थान कर रहा हैं। इन दोनों के बीच महात्मा बनना पड़ता है, यह साधना गुरुचरणों में संभव है। प्रोफेसर साध्वी मंगल प्रज्ञा जी मेरे निर्माण में उपकारी रहे है, इनका स्नेहभरा पथदर्शन मैं भूल नहीं सकता ।
जहान के पिता प्रवीण और माँ नताशा ने साध्वी मंगलप्रज्ञा जी के प्रति कृतज्ञता के भाव प्रस्तुत करते हुए कहा- जहान को जीरो से हीरो बनाने का श्रेय प्रोफेसर साध्वी मंगलप्रज्ञा जी को है।
बहन जियाना बेताला ने अपने संयम पथगामी अग्रज को शुभकामनाएं दी।
ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों द्वारा Soul Cricket Match” कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें जहान को “संयम कप्तान का विज्ञान विशिष्ट खिताब दिया ।
मंच से पिता प्रवीण व माता नताशा, बहन जियाना, और दीक्षार्थी जहान बेताला द्वारा की गई प्रस्तुति से परिषद भावुक बनी।
ज्ञानशाला एवं किशोर मंडल द्वारा – “दीक्षार्थी जहान की आरती कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
तेरापंथ सभा, तेयुप, महिला मंडल, किशोर मंडल, कन्या मंडल द्वारा दीक्षार्थी जहान ओर माता पिता का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन साध्वी डॉ राजुल प्रभा जी ने किया ।

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