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सड़क हादसे में तड़प रहे घायलों का मसीहा बना टैक्सी चालक, सवारी उतार कर अस्पताल पहुंचा कर निभाया मानवता का धर्म

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग

09.10.2026

बालोतरा। जसोल-नाकोड़ा रोड पर शुक्रवार दोपहर हुए सड़क हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने हुए थे। कई लोग फोटो-वीडियो बना रहे थे, जबकि पास में कई चार पहिया वाहन भी खड़े थे, लेकिन किसी ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी नहीं निभाई।

इसी दौरान वहीं से अपनी सवारियों को लेकर जा रहे टैक्सी चालक दिलीप तीरगर ने भीड़ देखकर टैक्सी रोकी। तो देखा कि खून से लथपथ दो युवक सड़क पर पड़े हैं। तभी दिलीप ने मानवता दिखाते हुए टैक्सी में बैठी अपनी सवारियों को उतारा और दोनों घायलों को बेहोशी की हालत में टैक्सी में डालकर अस्पताल के लिए रवाना हो गया।

टैक्सी को ही एम्बुलेंस बनाकर घायलों को तुरंत नाहटा अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने एक घायल को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे घायल का प्राथमिक उपचार कर गंभीर स्थिति को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया।

इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर जगदीश हिंदाल ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले नेकदिल व्यक्तियों को पुलिस की ओर से परेशान नहीं किया जाता है। तमाशबीन बनने की बजाय यदि हर नागरिक घायल को अस्पताल पहुंचाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

गुड सेमेरिटन दिलीप ने बताया कि मेरा मानना है कि सड़क पर पड़े किसी भी घायल व्यक्ति की मदद करना हमारा मानवीय कर्तव्य है।

*गुड सेमेरिटन और राहवीर योजना क्या है?*

सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर पुलिस उस भले इंसान (गुड सेमेरिटन) से कोई पूछताछ नहीं करती है, न ही किसी तरह से परेशान करती है।

गुड सेमेरिटन योजना सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की मदद करने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहित करने और उन्हें कानूनी और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की एक सरकारी पहल है। भारत सरकार ने इस योजना के तहत नेक मददगारों को कानूनी उत्पीड़न से बचाया है और चिकित्सा सहायता प्रदान करने में उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है।

राहवीर योजना केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले नेक राहगीर को पुरस्कृत करना है, ताकि घायलों को गोल्डन आवर (दुर्घटना के बाद का वह महत्वपूर्ण समय जब तत्काल इलाज से जीवन बचाया जा सकता है) के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर तक पहुंचाया जा सके।

इस योजना के तहत घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले राहगीर (गुड सेमेरिटन) को केंद्र सरकार द्वारा 25 हजार रुपए और राजस्थान सरकार द्वारा 10 हजार रुपए अतिरिक्त राशि प्रदान की जाती है।

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

Santosh Kumar Garg

Beauro Chief Balotra Rajasthan

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