बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
महामना आचार्य भिक्षु का 224 वां चरमोत्सव मनाया

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
महामना आचार्य भिक्षु का 224 वां चरमोत्सव मनाया ।
हमारे आस्था के आस्थान, जीवन-आधार हैं- आचार्य भिक्षु -प्रोफेसर साध्वी मंगल प्रज्ञा
प्रोफेसर डॉ साध्वीश्री मंगल प्रज्ञा जी ने बालोतरा, तेरापंथ भवन के अमृत सभागार में भिक्षु चरमोत्सव के अवसर पर उद्गार व्यक्त करते हुए कहा- हम सभी जिस साधना मार्ग पर चल रहे हैं उसके दृष्टापुरुष आचार्य भिक्षु हैं। उन्होंने पंचम काल में आध्यात्मिक वास्तविक पंथ दिया, हमारे जीवन में धार्मिकता बढ़े वैसा हमें आगे चलने का उत्साह दिया। आज उस आस्था के आस्थान आचार्य भिक्षु का हम चरमोत्सव मना रहे है उन जैसे उदारमना, सिद्धान्तवादी और सत्याग्रही महापुरुष का नेतृत्व पाकर तेरापंथ धन्य बन गया । जीवनभर संघ संवर्धन में अपने चिन्तन, श्रम और शक्ति का नियोजन किया। हर भक्त हृदय को वात्सल्य के अमीठ नीर से पुष्ट करते रहे।
साध्वी प्रोफेसर मंगल प्रज्ञाजी ने कहा- ‘आज आवश्यकता हे भिक्षु के विचारों में श्रद्धा रखने वाला श्रावक तत्व की जानकारी रखे अपने मार्ग पर स्थिर रहे। आचार्य भिक्षु शक्तिसम्पन्न आचार्य रहे हैं। इन्होंने ज्ञान सम्पदा से तेरापंथ संघ को समृद्ध बनाया वे कांतिकारी और समयज्ञ आचार्य थे।आत्म साधना, पर कषाय के प्रति जागरुकता रखने वाले ऐसे आचार्य को प्राप्त करना भी तेरापंथ संघ का सौभाग्य है।
इस अवसर पर साध्वी सुदर्शनप्रभा,साध्वी डा. राजुलप्रभा साध्वी डॉ. चैतन्यप्रभा, साध्वी डॉ. शौर्य प्रभा जी ने “मेरे भिक्षु सा कोई संत नहीं” गीत की प्रस्तुति दी। आशीषओस्तवाल नवनीत बाफना एवं अनूप संखलेचा ने मंगलाचरण गीत प्रस्तुत किया।
बोधार्थी लक्षिता बहन ने भी भिक्षु चरमोत्सव पर अपने विचार व्यक्त किए।
सभा संगठन मंत्री महेंद्र जी गांधीमेहता ने आचार्य भिक्षु के अवदान व गुणों को बताया
भिक्षु चरमोत्सव के अवसर पर तपोनिष्ठ श्राविका आशादेवी गोलेछा ने एक सौ छह दिवसीय तप का प्रत्याख्यान किया। पुत्रवधु मीनाक्षी गोलेछा ने तप वर्धापन-गीत प्रस्तुत किया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष राणमलजी फोला मेहता ने साध्वी प्रमुखा श्री द्वारा प्रदत्त संदेश का वाचन किया। तेरापंथ सभा पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र जी वेदमुथा ने तप अभिनन्दन पत्र का वाचन किया। साध्वी वृन्द ने तप अनुमोदन गीत प्रस्तुत कर मंगलकामना की। उल्लेखनीय है तपोनिष्ठ श्राविका आशादेवी 108 दिवसीय तप करेंगी जो एक कीर्तिमान स्थापित होगा ।तेरापंथ सभा द्वारा तपस्विनी बहन का साहित्य व तप अभिनन्दन पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया।
कुशल संचालन सभा सहमंत्री राजेशजी बाफना ने किया

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