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नैनो उर्वरकों के महत्व एवं उपयोग पर सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

बस्ती, 10 सितम्बर 2026। जनपद बस्ती में नैनो उर्वरकों के महत्व एवं उनके उपयोग को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा नैनो उर्वरकों के माध्यम से खेती की लागत कम करने के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बस्ती श्री रवि शंकर रहे। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर से पधारे रीजनल मैनेजर श्री कौशिक पाण्डेय, इफको बस्ती के क्षेत्र प्रतिनिधि श्री शुभम विश्वकर्मा, ADCO, ADO सहित जनपद के समस्त सचिवगण एवं सहकारिता विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
रासायनिक उर्वरकों का संतुलित प्रयोग जरूरी
कार्यक्रम के दौरान रीजनल मैनेजर श्री कौशिक पाण्डेय ने सहकारी समितियों के सचिवों की समस्याओं एवं सुझावों को सुना तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य एवं भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के अनावश्यक एवं अत्यधिक प्रयोग को कम करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश में बड़ी मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का आयात किया जाता है। इनके अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और खेतों की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते खेतों की गुणवत्ता को सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में फसल उत्पादन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को संतुलित एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने तथा नैनो उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने से एक ओर विदेशी मुद्रा की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर कृषि भूमि की गुणवत्ता को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
नैनो उर्वरकों से लागत कम करने पर जोर
इफको बस्ती के क्षेत्र प्रतिनिधि श्री शुभम विश्वकर्मा ने कहा कि किसान कई बार फसलों में अनुशंसित मात्रा से अधिक उर्वरकों का प्रयोग कर देते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।
उन्होंने सामान्य उर्वरकों के स्थान पर नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उनके अनुसार नैनो उर्वरकों के संतुलित प्रयोग से किसानों की लागत को कम करने, उत्पादकता बढ़ाने तथा बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने नैनो उर्वरकों को आधुनिक कृषि के लिए उपयोगी विकल्प बताते हुए इनके व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया।
फसल अवशेष न जलाने की अपील
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता श्री रवि शंकर ने किसानों से मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए रासायनिक खादों का प्रयोग संतुलित मात्रा में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर उन्हें मिट्टी में मिलाया जाए, जैविक खादों का अधिकाधिक उपयोग किया जाए और फसल चक्र को अपनाया जाए।
उन्होंने किसानों से फसल अवशेष नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में मदद मिलेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा आधुनिक एवं लाभकारी खेती को अपनाने के लिए सभी को प्रेरित किया।
फार्मर आईडी की उपयोगिता बताई
कार्यक्रम में किसानों के लिए फार्मर आईडी की उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। बताया गया कि फार्मर आईडी किसानों की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान होगी, जिसे आधार कार्ड की तरह 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, भूमि संबंधी विवरण, बैंक खाता एवं आधार संख्या को लिंक किया जाएगा। भविष्य में इसी फार्मर आईडी के माध्यम से रासायनिक उर्वरकों के वितरण की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। इससे उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और वास्तविक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई।
कार्यक्रम का संचालन इफको बस्ती के क्षेत्र प्रतिनिधि श्री शुभम विश्वकर्मा ने किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर SFA बस्ती आलोक कुमार, हॉटस्पॉट SFA अनुज कुमार गौतम, समस्त सचिवगण, मंत्री श्री राम शरण चौधरी, अजीत सिंह, पंकज सिंह, श्याम नारायण वर्मा सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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