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क्राइस्ट स्कूल पुंछ विवाद का समाधान: प्रिंसिपल ने मांगी माफी, भविष्य में सभी समुदायों से चर्चा के बाद ही जारी होगी स्कूल हैंडबुक

ब्यूरो चीफ राजेश कुमार, पुंछ
पुंछ न्यूज
पुंछ 31 जुलाई: पिछले कुछ दिनों से क्राइस्ट स्कूल पुंछ की स्कूल हैंडबुक को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझता हुआ दिखाई दे रहा है। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से उठाई गई आपत्तियों तथा प्रशासनिक स्तर पर हुई बातचीत के बाद स्कूल के प्रिंसिपल ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण आश्वासन दिया है।
प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य कभी भी किसी भी धर्म, समुदाय या संस्कृति की भावनाओं को आहत करना नहीं था। यदि स्कूल हैंडबुक में दिए गए किसी भी निर्देश से किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो इसके लिए उन्हें गहरा खेद है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में स्कूल की कोई भी नई हैंडबुक, नियमावली या महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी करने से पहले सभी समुदायों के प्रतिनिधियों, अभिभावकों तथा संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की जाएगी। सभी की राय लेने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो और सभी धर्मों एवं संस्कृतियों का समान सम्मान बना रहे।
गौरतलब है कि हाल ही में स्कूल हैंडबुक में शामिल कुछ निर्देशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कई अभिभावकों और सनातन धर्म से जुड़े संगठनों ने आरोप लगाया था कि कुछ प्रावधान उनकी धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं के अनुरूप नहीं हैं। इसके बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और सभी पक्षों के बीच संवाद की प्रक्रिया शुरू हुई।
बैठकों और आपसी विचार-विमर्श के बाद स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है, किसी भी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं। इसी क्रम में प्रिंसिपल ने माफी मांगते हुए भविष्य में अधिक संवेदनशील और समावेशी प्रक्रिया अपनाने का भरोसा दिलाया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि संवाद और आपसी समझदारी के माध्यम से विवाद का समाधान होना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी शैक्षणिक संस्थान किसी भी नीति या दिशा-निर्देश को लागू करने से पहले सभी समुदायों की भावनाओं और सुझावों का सम्मान करेंगे।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि स्कूल प्रबंधन अपने आश्वासन को किस प्रकार व्यवहार में लागू करता है। यदि भविष्य में सभी पक्षों की भागीदारी के साथ निर्णय लिए जाते हैं, तो इससे विद्यालय में सौहार्द, पारदर्शिता और आपसी विश्वास और अधिक

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