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महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली कोंडर गांव और झील को मिले अंतर्राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा: भारत स्वाभिमान व पतंजलि योग समिति बस्ती

बस्ती 29जुलाई।
*महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली कोंडर गांव और झील को मिले अंतर्राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा: भारत स्वाभिमान व पतंजलि योग समिति बस्ती*
भारत स्वाभिमान न्यास और पतंजलि योग समिति, बस्ती द्वारा भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार से योग सूत्र के प्रणेता महर्षि पतंजलि की पवित्र जन्मस्थली ‘कोंडर गांव’ एवं वहां स्थित ऐतिहासिक झील को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग स्मारक’ के रूप में विकसित व घोषित करने की पुरजोर मांग की गई है।
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आयोजित भव्य सामूहिक योग साधना एवं वैदिक यज्ञ-अनुष्ठान के दौरान यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। कार्यक्रम में आजीवन सदस्य राजेश श्रीवास्तव ‘कैलाशी’ द्वारा प्रस्तुत इस सुझाव का उपस्थित पदाधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने करतल ध्वनि से समर्थन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत स्वाभिमान ट्रस्ट (यूनिट बस्ती) के जिला प्रभारी ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि महर्षि पतंजलि केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व को आरोग्य और योग मार्ग दिखाने वाले महान पथप्रदर्शक हैं। उनकी जन्मस्थली कोंडर गांव और वहां की प्राचीन झील ऐतिहासिक व आध्यात्मिक धरोहर हैं। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा मिलने से न केवल गोण्डा जिला वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित होगा, बल्कि पूरे विश्व से आने वाले योग साधकों को अपनी मूल जड़ों से जुड़ने का पावन अवसर मिलेगा। डॉ वीरेन्द्र त्रिपाठी महामंत्री पतंजलि योग समिति बस्ती ने कहा कि सरकार को अविलंब इस ऐतिहासिक स्थल के जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। भारत स्वाभिमान समिति बस्ती के महामंत्री डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि आज विश्व योग दिवस के माध्यम से पूरी दुनिया भारत की योग संस्कृति को नमन कर रही है। ऐसे समय में योगशास्त्र के जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली की उपेक्षा अनुचित है। पूज्य योगऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज और श्रद्धेय बालकृष्ण जी के मार्गदर्शन में पतंजलि परिवार देश के कोने-कोने में योग की अलख जगा रहा है। सुभाष चन्द्र आर्य जिला प्रभारी पतंजलि योग समिति बस्ती ने कहा कि कोंडर गांव को अंतर्राष्ट्रीय स्मारक घोषित करना महर्षि पतंजलि के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय ने कहा कि परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज ने युवाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए उन्हें ‘योग शिक्षक’ रूपी प्रकाश पुंज बना दिया है। यही योग शिक्षक आज देश-विदेश की विभिन्न संस्थाओं में कार्यरत होकर निरोगी समाज का निर्माण कर रहे हैं।
इस अवसर पर सबने गुरु जी सूक्ष्म उपस्थिति महसूस करते हुए गुरुदक्षिणा अर्पित की।
कार्यक्रम में पतंजलि परिवार के नवल किशोर चौधरी कोषाध्यक्ष, भारत स्वाभिमान समिति,
श्रीमती कामना पाण्डेय जिला प्रभारी, महिला पतंजलि योग समिति, योग शिक्षक राम मोहन पाल, श्रवण कुमार, अवधेश पाण्डेय, राम यज्ञ मिश्र, रत्नेश मिश्र, डॉ. शशिकला श्रीवास्तव, शन्नो दुबे, रजनी मिश्रा सहित सैकड़ों योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गरुण ध्वज पाण्डेय

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