श्रावण मास में कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित, महापौर के निर्देश पर नगर निगम का आदेश जारी, उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
Sale of meat is completely banned on the Kanwar Yatra route during the month of Shravan. Municipal Corporation issued an order on the instructions of the Mayor. Violators will face legal action.

ब्यूरो रिपोर्ट… अनीता पाल
रुद्रपुर। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा की पवित्रता और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम रुद्रपुर ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री और मांसाहारी भोजन परोसने वाले प्रतिष्ठानों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया है। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध श्रावण मास की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महापौर विकास शर्मा से मुलाकात कर श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की दुकानों एवं मांसाहारी भोजनालयों को बंद रखने की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए इन मार्गों से गुजरते हैं, इसलिए यात्रा मार्ग की धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

इस मांग पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए महापौर विकास शर्मा ने नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। महापौर के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को सहायक नगर आयुक्त रणदीप की ओर से औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया। जारी आदेश के अनुसार नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले काशीपुर-किच्छा राष्ट्रीय राजमार्ग तथा काशीपुर बाईपास मार्ग सहित कांवड़ यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार के कच्चे या पके हुए मांस की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही ऐसे सभी रेस्टोरेंट एवं भोजनालय, जहां पके हुए मांस का विक्रय किया जाता है, उन्हें भी श्रावण मास की अवधि तक बंद रखना होगा।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रतिबंध के बावजूद किसी प्रतिष्ठान में कच्चे अथवा पके मांस का विक्रय किया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा जुर्माना भी लगाया जाएगा।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि श्रावण मास करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है और कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। नगर निगम का उद्देश्य किसी के व्यापार को प्रभावित करना नहीं, बल्कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान बनाए रखना है। सभी नागरिकों और व्यापारियों से अपेक्षा है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को बनाए रखने में सहयोग करें।
नगर निगम प्रशासन ने संबंधित व्यापारियों से अपील की है कि वे जारी आदेश का पूर्ण रूप से पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हो सके।
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