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शांति निकेतन विद्यालय में ‘मिशन दृष्टि 2026’ का सफल आयोजन: 680 विद्यार्थियों की हुई नेत्र जाँच

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा। विद्यालय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अयूब के. सिलावट ने बताया कि तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF) के राष्ट्रीय ‘मिशन दृष्टि 2026’ के अंतर्गत आज बालोतरा के शांति निकेतन विद्यालय में एक विशाल नेत्र जाँच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय के लगभग 680 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
*गरिमामयी शुभारंभ*
शिविर का विधिवत शुभारंभ सचिव ओमप्रकाश चोपड़ा, सी.ए. ओमप्रकाश बांठिया (ऑडिटर), प्रायोजक गौतमचंद छाजेड़, तेयुप अध्यक्ष मुकेश चोपड़ा, पूर्व नगरपालिका सभापति प्रभा सिंघवी, और विद्यालय प्राचार्या सुधा मदान के कर-कमलों द्वारा फीता काटकर किया गया।
यह शिविर न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के प्रति एक नई जागरूकता का संचार करने वाला सिद्ध हुआ। TPF द्वारा देश भर के 75 से अधिक शहरों के 1000 विद्यालयों में चलाए जा रहे इस राष्ट्रीय मिशन के तहत आज बालोतरा में भी बच्चों के भविष्य को ‘स्पष्ट’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
सचिव ओमप्रकाश चोपड़ा ने कहा कि “शिक्षा और स्वास्थ्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब हम अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की बात करते हैं, तो उनकी शारीरिक और नेत्र दृष्टि की स्पष्टता अनिवार्य हो जाती है। टी.पी.एफ. का यह पुनीत कार्य बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।”
*विद्यालय प्राचार्या सुधा मदान ने व्यक्त किया आभार:*
“आज के डिजिटल युग में, जहाँ मोबाइल और टीवी का उपयोग विद्यार्थियों के लिए एक चुनौती बन गया है, ‘मिशन दृष्टि’ जैसे अभियान नितांत आवश्यक हैं। मैं तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष रमेश भंसाली और उनकी पूरी समर्पित टीम का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। उन्होंने हमारे विद्यालय का चयन कर हमारे विद्यार्थियों के लिए जो नवीन मार्ग प्रशस्त किया है, उसके लिए हम सदैव आपके ऋणी रहेंगे।”
अध्यक्ष रमेश भंसालीने कहा कि “यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि हम देश के भावी वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और प्रोफेशनल्स की दृष्टि को स्पष्ट करने का कार्य कर रहे हैं। जाँच के दौरान यह चिंताजनक रहा कि कई छोटे विद्यार्थियों को अपनी आँख कमजोर होने की जानकारी ही नहीं थी। इस शिविर का उद्देश्य समय रहते इन कमियों को दूर कर उनके उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करना है।”
सक्रिय भागीदारी: विशेषज्ञ जाँच: नाहटा हॉस्पिटल के नेत्र विभाग से विशेषज्ञ रविन्द्र देवड़ा ने अपनी टीम के साथ बच्चों की आँखों की गहन जाँच की।
भविष्य की योजना: जाँच के पश्चात जिन विद्यार्थियों की आँखें कमजोर पाई गई हैं, उन्हें आवश्यकतानुसार चश्मे वितरित किए जाएंगे।
सहयोग: इस मेगा कैंप को सफल बनाने में विद्यालय स्टाफ सदस्य ज्ञान सिंह सोडा, सागर पवार, करिश्मा शर्मा, गोकुलेश शर्मा, श्रवण कुमार और अंजलि गहलोत का विशेष योगदान रहा।
इस शिविर ने समाज में सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा के प्रति एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
विद्यार्थी हित में समर्पित यह एक अनूठी पहल है।

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