बालोतराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान
श्रद्धांजलि सभा में स्व. जवेरीलाल भंसाली को भावभीनी श्रद्धांजलि, उनके सिद्धांतों और सेवा कार्यों को किया याद

ब्यूरो चीफ सन्तोष कुमार गर्ग
बालोतरा। शहर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के प्रबुद्धजनों, परिजनों एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्वर्गीय जवेरीलाल भंसाली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन, सिद्धांतों और समाज सेवा के योगदान को स्मरण किया।
सभा में भाणेज शांतिलाल भंसाली (उपासक) ने अपने ननिहाल को याद करते हुए मामाजी श्री मिठालालजी, भिकचंदजी, जवेरीलालजी, गौतमचंदजी, अमीचंदजी एवं नरेन्द्र कुमारजी द्वारा ग्राम, समाज और धर्म के प्रति किए गए समर्पित कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने भंसाली परिवार की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परिवार के प्रति अपने स्नेहपूर्ण भाव व्यक्त किए।
पूर्व बालोतरा नगरपालिका अध्यक्ष पारसमल भंडारी ने कहा कि धानमंडी स्थित डूंगरचंद जवेरीलाल फर्म पिछले लगभग 60 वर्षों से बिना किसी विवाद के संचालित हो रही है, जो अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने स्व. डूंगरचंद भंसाली और स्व. जवेरीलाल भंसाली के साथ अपने लंबे आत्मीय संबंधों को याद करते हुए उन्हें स्पष्टवादी और निडर व्यक्तित्व का धनी बताया।
स्थानीय तेरापंथ सभा के मंत्री माणकचंद संखलेचा ने अपने मामा स्व. डूंगरचंद भंसाली (31 मई 2023) को स्मरण करते हुए कहा कि आज के समय में जहां भाई-भाई भी लंबे समय तक साथ व्यापार नहीं कर पाते, वहीं 60 वर्षों से अधिक समय तक बिना विवाद के साथ व्यापार करना अनुकरणीय उदाहरण है।
अखिल भारतीय तेरापंथ महासभा के जोधपुर संभाग प्रभारी एवं जवाई पक्ष से गौतमचंद सालेचा (कावेरी ग्रुप) ने महासभा की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. जवेरीलाल भंसाली सिद्धांतवादी व्यक्तित्व थे। उनका दैनिक नियम धर्म, ध्यान और सामायिक के बाद ही व्यापार के लिए बालोतरा जाना था।
जोधपुर से आए विजयराज मेहता (लेहरिया रिसोर्ट) ने उन्हें सादगीपूर्ण और निष्ठावान व्यक्तित्व बताया। वहीं प्रकाश गांधी मेहता ने उन्हें व्यवहार कुशल एवं सभी को साथ लेकर चलने वाला इंसान बताया।
सूरत तेरापंथ सभा के अध्यक्ष महेन्द्र कुमार (बी.) गांधी मेहता ने भावुक होकर गीतिका “सांसों का क्या भरोसा, कब सांस टूट जाए…” प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि स्व. जवेरीलाल भंसाली में इतने बड़े परिवार को एकजुट रखने की अद्भुत क्षमता थी। वे सरल, शांत और सहज स्वभाव के व्यक्ति थे तथा हमेशा दूसरों के स्वास्थ्य और परिवार की चिंता करते थे। इस अवसर पर जितेंद्र कुमार एम. मेहता ने भी अपने श्रद्धाभाव व्यक्त किए।
योगक्षेम वर्ष के अंतर्गत लाडनूं विराजित आचार्य श्री का संदेश भी सभा में पढ़कर सुनाया गया। इसके साथ ही साध्वी प्रमुखा श्रीजी, मुनि पृथ्वीराजजी जसोल, मुनि हिमांशु कुमारजी असाडा सहित अन्य संतों के संदेशों का भी वाचन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर स्व. जवेरीलाल भंसाली को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शांतिलाल भंसाली एवं सम्पतराज चोपड़ा ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही जानकारी दी गई कि साध्वी श्री कुंदनप्रभाजी आदि ठाणा (4) महाप्रज्ञा विहार में विराजमान हैं।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन ज्ञानशाला प्रभारी डूंगरचंद सालेचा ने शालीन एवं प्रभावी ढंग से किया। अंत में ससुराल पक्ष की ओर से महेन्द्र कुमार, राजेन्द्र कुमार संखलेचा एवं असाडा परिवार ने भी स्व. जवेरीलाल भंसाली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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