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भारत -भूटान शान्ति अवार्ड प्राप्त कर स्वदेश लौटे _भाटी

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बौली-भारत भूटान सोशल मिशन यात्रा पूरी कर क्षेत्र के युवा भाजपा नेता एवं पर्यावरण ब्रांड एंबेसडर राजस्थान सरकार पत्रकार डॉ रामदयाल भाटी 25 जून को भूटान से रवाना होकर 26 जून को स्वदेश एवं अपने जिले बीकानेर पहुंचे।
21 जून को विश्व योग दिवस पर भारत -भूटान शांति अवार्ड प्राप्त कर।
भूटान के प्रमुख बौद्ध धर्म के प्रमुख मंदिरों-मठो -पर्यटक स्थलों के दर्शन किए।
प्रतिनिधि मंडल के अभिन्नदन में भूटान की आध्यात्मिक सस्कृतिक के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी इस दौरान आयोजन हुआ। इस दौरान भूटान की कई महत्वपूर्ण हस्तियों से भी मुलाकात हुई।
इन हस्तियों में सबसे महत्वपूर्ण नाम भूटान की विदेश मंत्री माननीय डी. एन.डूगीयाज रहे हैं। जिनके साथ अंतर्राष्ट्रीय समस्ता मंच के संयोजक श्री कुलदीप शर्मा के नैतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर भारत भूटान मैत्री संबंधों पर चर्चा की, भारत का भूटान के विकास एवं पंचशील सिद्धांतों, राजनीतिक- राजनियक मामलों में सहयोग पर आधे घंटे तक चाय पर वार्ता हुई। तत्पश्चात संसद भवन के समक्ष सामूहिक फोटोग्राफी भी लिया।
भारत का भूटान को योगदान एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के योगदान के लिए विदेश मंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री का आभार जताया और उन्हें बहुत महान -योग्य व दुनिया का ताकतवर लीडर बताया जिस पर हम सबका सीना गर्व से ऊंचा हो गया। उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को सम्बोधित करते हुए कहा भारत हमें छोटे भाई की तरह रखता है हम भारत का बड़े भाई की तरह आदर करते हैं भारत का विश्वास ही हमारी ताकत है जिसे हम सदीयो तक बनाये रखना चाहते हैं।उन्होंने हर वर्ष योग दिवस पर भूटान यात्रा पर आने का निमन्त्रण दिया।
भूटान के विदेश मंत्री डी .एन.डूगीयाज तथा आर्थिक मामलों के पूर्व मंत्री लोकनाथ शर्मा, संसद के अन्य चार सदस्यो द्वारा जो मान-सम्मान प्राप्त हुआ उससे पूरा प्रतिनिधि मंडल अभिभूत हो गया।
भूटान के प्राकृतिक सौंदर्य, सफाई व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, अनुशासन, देश एवं राजा के प्रति समर्पण भाव, लोगों की सकारात्मक सोच, निशुल्क शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था, भ्रातृत्व भाव,नो सिग्नल ट्रेफिक, तथा भारत देश के प्रति सम्मान का भाव हमें इनसे बहुत कुछ सीखने के लिए प्रेरित करता है। भारत की पांच मुठ्ठी मिट्टी भूटान की माटी में मिला कर मैत्री सम्बन्धो को और प्रगाढ़ करने का सन्देश भी हमने दिया।
सात दिवसीय यात्रा के दौरान जयगांव, फुलसलिग, थिम्फू,पारो,आदि शहरों का भ्रमण किया। तथा महात्मा गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े अनेक धार्मिक स्थलो का दर्शन किया। भूटान की 70%आबादी गगनचुंबी पहाड़ों में बसी है।यहां की सुनियोजित नगर व्यवस्था अत्यंत प्रशंसनीय हैं। यहां का भोजन बहुत ही स्वादिष्ट होता है।लोगों का सहयोगात्मक रवैया दिल जीत लेता है।महिलाऐ हर क्षेत्र में आगे है।
भूटान के चारों और नदी, झरने,वन, एवं पहाड़, है।भारत व चीन की सीमा को छुता है पर विश्वास भारत का ही करता है। भारतीय सैना ही भूटान को सुरक्षा प्रदान करती है। यह भारत का बड़ा बाजार भी है।मैरी पहली विदेश यात्रा से बहुत कुछ सीखने को मिला है।
श्री प्रमोद शर्मा (व्यवस्थापक)ने व्यवस्थाओ का जिम्मा बखुबी निभाया।धोलूराम मीणा, श्रवण सिंह बुड़रक,रिषीराज थानवी, श्रीमती रेखा सिंह, एडवोकेट गौरव गणैशिया, पत्रकार रामदयाल भाटी, खुबचन्द सैनी, डॉ कुलदीप शर्मा, सहित 85 सदस्यो के दल में 51प्रतिभाओ को अवार्ड से सम्मानित किया गया। अवार्ड प्राप्त कर सभी बहुत खुश हुए।

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