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नाबार्ड प्रायोजित दो-दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
रूपवास ब्लॉक की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल मंचों पर उत्पाद बेचने का प्रशिक्षण

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
भरतपुर । भरतपुर जिले के रूपवास ब्लॉक की खानुआ ग्राम पंचायत में नाबार्ड द्वारा प्रायोजित दो-दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से रूपवास ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन ‘श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान’ द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण ‘ऐड-ऑन नेक्सजेन प्रा. लि.’ के निदेशक गोकुल सैनी द्वारा संचालित किया गया। दो दिनों तक चली इस कार्यशाला में महिलाओं को डिजिटल मार्केटिंग की बुनियादी समझ, उत्पादों की ऑनलाइन प्रस्तुति, मोबाइल फोन के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्तापूर्ण तस्वीरें खींचने, सोशल मीडिया एवं ई-कॉमर्स मंचों पर बिक्री तथा ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया जैसे व्यावहारिक विषयों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड के जिला विकास अधिकारी शिवम कुमार अग्रवाल, ‘श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान’ के सचिव धर्मपाल तथा एसएचजी क्लस्टर अध्यक्ष श्रीमती ब्रजेश कुमारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं दो-दिवसीय कार्यशाला में महिलाओं द्वारा अर्जित कौशल पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त उन्होंने महिलाओं को डिजिटल मंचों के माध्यम से अपने उत्पादों के विपणन एवं विक्रय के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र की महिलाएं मुख्यत: जूट आधारित उत्पादों एवं वस्त्रों के निर्माण में दक्ष हैं। अब तक इन उत्पादों की बिक्री प्राय: स्थानीय बाजारों तक ही सीमित रही है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल माध्यमों से जोडक़र उनके उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचाना तथा उन्हें बिचौलियों पर निर्भरता कम कर उचित मूल्य दिलाना है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
नाबार्ड के जिला विकास अधिकारी शिवम कुमार अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं और डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से इन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण में सीखे गए कौशल का नियमित अभ्यास करने का आह्वान किया।
संस्थान के सचिव धर्मपाल ने कहा कि ‘श्री गुरु जम्भेश्वर सेवा संस्थान का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को न केवल उत्पाद निर्माण में, बल्कि उनके विपणन एवं विक्रय में भी सशक्त बनाया जाए। डिजिटल कौशल आज की आवश्यकता है और यह प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’
एसएचजी क्लस्टर अध्यक्ष श्रीमती ब्रजेश कुमारी ने सभी प्रतिभागी महिलाओं को इस उपयोगी प्रशिक्षण के लिए बधाई दी तथा नाबार्ड एवं संस्थान का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अर्जित ज्ञान को अपने व्यवसाय में लागू करने का संकल्प लिया।

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