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कपाल तंत्रिकाएं शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करती हैं : डॉ. नवजोत सिंह
मस्तिष्क से जुड़ी 12 जोड़ी तंत्रिकाएं संवेदना, दृष्टि, स्वाद, सुनने और संतुलन में निभाती हैं अहम भूमिका

(शिवम् सिंह वेदांत टाइम्स/बस्ती टाइम्स 24)
लखनऊ। बी.एन.वाई.एस. विशेषज्ञ एवं “द पॉजिटिव हीलिंग” लखनऊ के डॉ. नवजोत सिंह ने कहा कि कपाल तंत्रिकाएं मानव शरीर की अत्यंत महत्वपूर्ण तंत्रिकाएं हैं, जो सीधे मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं और शरीर के कई आवश्यक कार्यों को नियंत्रित करती हैं। उन्होंने बताया कि मानव शरीर में कुल 12 जोड़ी कपाल तंत्रिकाएं होती हैं, जो गंध पहचानने से लेकर देखने, सुनने, स्वाद, चेहरे की संवेदना और पाचन तंत्र तक के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. नवजोत सिंह ने बताया कि घ्राण तंत्रिका गंध पहचानने में सहायता करती है, जबकि दृष्टि तंत्रिका देखने की क्षमता को नियंत्रित करती है। नेत्र-गति एवं ट्रोक्लियर तंत्रिकाएं आंखों की गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं। त्रिशूल तंत्रिका चेहरे की संवेदना और चबाने की क्रिया के लिए जिम्मेदार होती है।
उन्होंने कहा कि फेशियल तंत्रिका चेहरे के भाव, स्वाद और लार स्राव को नियंत्रित करती है, जबकि जिह्वा-कंठ तंत्रिका निगलने और स्वाद पहचानने में सहायक होती है। वेगस तंत्रिका हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र के कार्यों को नियंत्रित करने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण तंत्रिका मानी जाती है।
डॉ. सिंह ने बताया कि सहायक तंत्रिका गर्दन और कंधों की गति को नियंत्रित करती है तथा हाइपोग्लॉसल तंत्रिका जीभ की गतिविधियों को संचालित करती है। वहीं वेस्टिबुलोकॉक्लियर तंत्रिका सुनने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कपाल तंत्रिका में विकार उत्पन्न हो जाए, तो शरीर के संबंधित अंगों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसलिए तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, योग, ध्यान, पर्याप्त नींद और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।

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