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30 दिनों तक नियमित नींबू पानी सेवन से स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव संभव : डॉ. नवजोत सिंह
सही खानपान, पर्याप्त नींद और संतुलित जीवनशैली के साथ अधिक प्रभावी हो सकता है नींबू पानी

(शिवम् सिंह वेदांत टाइम्स)
लखनऊ। डॉ. नवजोत सिंह ने बताया कि यदि 30 दिनों तक नियमित रूप से नींबू पानी का सेवन किया जाए, तो शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इसे किसी “जादुई इलाज” के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के साथ इसका प्रभाव अधिक लाभकारी हो सकता है।
उन्होंने बताया कि नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। सुबह गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीने से कई लोगों को कब्ज, अपच और पेट के भारीपन में राहत महसूस होती है। साथ ही नींबू में पाया जाने वाला साइट्रेट किडनी स्टोन बनने की संभावना को कम करने में मदद कर सकता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि अधिकांश लोग पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते, लेकिन नींबू मिलाने से पानी पीने की आदत बढ़ सकती है, जिससे शरीर बेहतर तरीके से हाइड्रेट रहता है। उचित हाइड्रेशन शरीर की ऊर्जा, त्वचा और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि नींबू में विटामिन C और फ्लेवोनॉयड्स पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करने में सहायक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त पर्याप्त पानी और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लिवर के सामान्य कार्य को भी समर्थन देते हैं।
डॉ. नवजोत सिंह ने कहा कि नींबू पानी प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में भी मददगार हो सकता है, क्योंकि यह विटामिन C का अच्छा स्रोत है। नींबू में प्राकृतिक पौध-आधारित यौगिक पाए जाते हैं जिनमें हल्के एंटीमाइक्रोबियल गुण भी देखे गए हैं, जो आंतों के माइक्रोबायोम को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यदि नींबू पानी में एक चुटकी सेंधा नमक मिलाया जाए, तो यह इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है, विशेषकर गर्मी, अधिक पसीना आने या योग एवं वर्कआउट के बाद। स्वाद अधिक खट्टा लगने पर 1–2 बूंद प्राकृतिक लिक्विड स्टेविया भी मिलाई जा सकती है।
डॉ. सिंह के अनुसार नींबू पानी बनाने के लिए एक गिलास गुनगुने या सामान्य पानी में आधा ताजा नींबू मिलाना पर्याप्त है। चाहें तो इसमें एक चुटकी सेंधा नमक भी डाला जा सकता है। इसे सुबह खाली पेट या भोजन के बीच में लिया जा सकता है।
उन्होंने सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि अत्यधिक नींबू पानी दांतों की एनामेल को नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए स्ट्रॉ का उपयोग करना और बाद में सादा पानी पीना बेहतर रहता है। एसिडिटी, अल्सर, GERD या पेट में जलन से परेशान लोगों को इसका सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए। वहीं किडनी रोग या हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को नमक मिलाने से पहले चिकित्सकीय सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि स्वस्थ आदतें छोटे-छोटे कदमों से शुरू होती हैं। नियमित हाइड्रेशन, संतुलित आहार, योग और नींबू पानी जैसी सरल आदतें शरीर और मन दोनों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

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