खैरथल- तिजाराब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानस्वास्थ्य
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न, स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा
खैरथल-तिजारा, 21 अप्रैल। जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक जिला सचिवालय खैरथल-तिजारा में आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, कार्यक्रमों एवं निर्माणाधीन स्वास्थ्य ढांचे की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कलेक्टर ने निर्माणाधीन स्वास्थ्य भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक 15 दिन में नियमित निरीक्षण कर कार्यों को समय पर एवं नियमानुसार पूर्ण कराया जाए। इसके अलावा ‘लाड़ो योजना’ के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर किश्तों का लाभ दिलाने, ‘मां योजना’ में बुक क्लेम बढ़ाने, यूडीआईडी कार्ड वितरण तथा आयुष्मान कार्ड वितरण की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए गए। टीबी मुक्त ग्राम अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित कर जिले को टीबी मुक्त बनाने पर भी जोर दिया।
जिला कलेक्टर ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को आवश्यकता अनुसार सभी जांचें समय पर करवाई जाएं और अस्पतालों में उपलब्ध सरकारी दवाइयां नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आमजन को बेहतर उपचार मिल सके।
जिला कलेक्टर में हिट एक्शन प्लान के बारे में जानकारी प्राप्त की जिस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए लू-तापघात से बचाव के लिए जिला मुख्यालय एवं सभी खंड मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। जिला स्तर से लेकर सीएचसी एवं पीएचसी तक रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन किया गया है। जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर लू-तापघात के मरीजों के लिए बेड एवं कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी चिकित्सा संस्थानों में ओआरएस, आईवी फ्ल्यूड सहित आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। साथ ही 108 एम्बुलेंस, बेस एम्बुलेंस, एमएमयू एवं एमएमवी को ऑनरोड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपनी मासिक बैठकों में लू-तापघात को प्रमुख एजेंडा बनाकर इस पर विस्तार से चर्चा करें तथा चिकित्सा अधिकारी, एएनएम, एलएचवी, आशा एवं प्रसाविकाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही दैनिक रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
परिवार कल्याण एवं RCH कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा सभी आवश्यक जांचें समयबद्ध रूप से कराई जाएं। साथ ही ‘मां वाउचर योजना’ के तहत द्वितीय एवं तृतीय तिमाही की सभी गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट सहित बीसीएमओ, पीएमओ, सीएचसी प्रभारी एवं अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

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