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बस्ती में पैरालीगल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, जनपद न्यायाधीश ने दिया कानूनी जागरूकता पर जोर

बस्ती से वेदान्त सिंह
बस्ती, 19 अप्रैल 2026।
अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आयोजित एक दिवसीय पैरालीगल (अधिकार मित्र) प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश श्री शमसुल हक ने कहा कि पैरालीगल कार्यकर्ता समाज के आम लोगों तक कानूनी जागरूकता पहुंचाने के साथ-साथ गरीब, कमजोर और असहाय लोगों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकार मित्रों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से कानूनी सहायता दिलाएं।
कार्यक्रम का आयोजन उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन तथा प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री राम मनोहर नारायण मिश्र एवं जनपद न्यायाधीश श्री शमसुल हक के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा किया गया। इसमें बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बस्ती के अधिकार मित्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, वहीं सचिव श्री देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्रशिक्षण में विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
प्रथम सत्र में नालसा स्कीम, बच्चों के लिए मित्रवत सेवा योजना 2024 तथा मानव तस्करी एवं यौन शोषण से पीड़ितों के लिए योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राज बाबू ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए सहायता योजनाओं और लाभार्थियों की पहचान पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री लाल जी यादव ने छात्रवृत्ति, सामूहिक विवाह योजना और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए वित्तीय सहायता की जानकारी दी। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री राजेश कुमार ने विधवा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं पर प्रकाश डाला। श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री नागेन्द्र त्रिपाठी ने श्रमिकों के अधिकारों और योजनाओं के बारे में बताया।
महिला व बाल सुरक्षा पर विशेष जोर
तृतीय सत्र में किशोर न्याय अधिनियम, बाल संरक्षण कानून और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई। विशेष न्यायाधीश श्री राम करन यादव ने बाल यौन हिंसा निवारण कानून के सख्त प्रावधानों की जानकारी दी। अपर सिविल जज सुश्री यशी पाण्डेय ने महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर जोर दिया।
एस.पी. लॉ कॉलेज के विधि विभागाध्यक्ष डॉ. रफी अहमद ने कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति बढ़ती चुनौतियों और जागरूकता की आवश्यकता बताई। चीफ लीगल एड डिफेंस श्री कौशल किशोर श्रीवास्तव ने बच्चों से जुड़े मामलों में पहचान और सहायता की प्रक्रिया समझाई।
सम्मान समारोह भी हुआ आयोजित
कार्यक्रम के अंत में ओपन हाउस सेशन आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और अधिकार मित्रों के बीच संवाद हुआ। इस दौरान विभिन्न जनपदों के चयनित अधिकार मित्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के सचिवों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
अंत में सचिव श्री देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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