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युवा सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम — बजट घोषणाओं से ‘विकसित राजस्थान’ को नई गति

ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार शर्मा

 

खैरथल-तिजारा, 13 फरवरी। राज्य सरकार ने ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को केंद्र में रखते हुए कई दूरदर्शी और सकारात्मक घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। इसी सोच के साथ कौशल विकास, स्वरोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है।

सरकार ने Vocational Education, Skill Enhancement और Career Counselling को मजबूत करते हुए प्रक्रियाओं के सरलीकरण तथा न्यून या शून्य ब्याज पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इस योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान और मार्जिन मनी की सुविधा दी जाएगी। इस पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने का प्रस्ताव है, जबकि आगामी वर्ष 30 हजार युवाओं को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगी है और युवाओं में विश्वास बढ़ा है। इसी क्रम में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की घोषणा की गई है। साथ ही, बड़े पैमाने पर समयबद्ध भर्ती परीक्षाओं के लिए Online Testing सुविधाओं से युक्त टेस्ट सेंटर बनाए जाएंगे।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के नवाचार को स्टार्टअप में बदलने के उद्देश्य से VIBRANT कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से mentorship, entrepreneurship और incubation जैसी सुविधाएं प्रत्येक जिले के चयनित महाविद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा, iStart कार्यक्रम के तहत पहले ही 7,500 से अधिक स्टार्टअप्स का मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो चुका है। अब ‘iStart Ambassador Programme’ के जरिए उभरते स्टार्टअप्स को mentorship और scaling में मदद मिलेगी।

बालिकाओं में आत्मरक्षा और स्वाभिमान की भावना को बढ़ावा देने के लिए ‘रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रों’ का विस्तार किया जाएगा। अगले वर्ष 150 अतिरिक्त महाविद्यालयों में इन केंद्रों की स्थापना कर लगभग 25 हजार छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल और डिजिटल मार्गदर्शन देने के लिए DREAM (Digital Readiness and Empowerment through Assisted Mentoring) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। प्रथम चरण में लगभग 50 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जिससे वे आधुनिक कार्यक्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकेंगे।

‘नशामुक्त राजस्थान’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए Raj-SAVERA कार्यक्रम लागू किया जाएगा। इसमें Psychotropic Drugs की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, जिला चिकित्सालयों में नशामुक्ति वार्ड, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में नशामुक्ति केंद्रों का संचालन तथा Anti-Narcotics Task Force के माध्यम से सख्त कार्रवाई जैसे कदम शामिल हैं।

प्रदेश में skilling ecosystem को मजबूत बनाने के लिए Outcome-based Skill Impact Bond लाया जाएगा, जिसमें प्लेसमेंट आधारित मापदंड पूरे होने पर भुगतान किया जाएगा। साथ ही, Hospitality, IT और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में वैश्विक अवसरों के लिए एक हजार युवाओं को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

असंगठित क्षेत्र के 20 हजार कामगारों को Recognition of Prior Learning (RPL) के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा, जबकि प्रत्येक जिले में Industry Partners के सहयोग से Institute of Skill Development and Vocational Training स्थापित करने की योजना है।

इन घोषणाओं से राज्य सरकार युवाओं को Industry Ready और Employable बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास और पारदर्शी व्यवस्था पर केंद्रित यह बजट न केवल युवाओं के सपनों को पंख देगा, बल्कि ‘विकसित राजस्थान’ की दिशा में एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा।

Viyasmani Tripaathi

Cheif editor Mobile no 9795441508/7905219162

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