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शानदार सदाबहार हिन्दी फिल्मी गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया गया
लाखों तारे आसमान में, एक मगर ढूंढें ना मिला.... शीर्षक गीत नाम से
राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर । विश्वकर्मा नाट्य संगीत कला संस्थान की ओर से स्थानीय टाउन हॉल में पिछली रविवार की संध्या को ” लाखों तारे आसमान में पर मगर ढुंढे ना मिला”….के शीर्षक नाम से सदाबहार और रोमांटिक गीतों का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 60 के दशक से लेकर 90 के दशक के लोकप्रिय हिंदी युगल गानों को दिल्ली की कलाकार पुनिता गुप्ता द्वारा बीकानेर के स्थानीय कलाकारों के साथ गाया।
कार्यक्रम आयोजक एवं संस्था अध्यक्ष मेघराज नागल ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि नारायण बिहाणी, कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रूप से कर रहे व्यवसायी नारायण बिहाणी एवं संखा संगम अध्यक्ष एनडी रंगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पधारें भरत प्रकाश श्रीमाली, पन्नालाल नागल, संगीता शेखावत, सुरेश जोशी, सैय्यद अख्तर, गिरधर लाल मोदी, शायर उमर रंगरेज , इंजीनियर कमलकांत सोनी, शब्बीर पठान, विक्रम सिंह पडिहार, रामकिशोर यादव, चन्द्र भोजक,पवन कुमार चढ्ढा, राधाकृष्णन सोनी, घनश्याम सोलंकी, सुनीता गुप्ता , अनंत साध, सुशीला साध, कमलजीत कौर एवं केशव पारीक आदि के द्वारा मां सरस्वती के तेल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
बाद में कार्यक्रम का शीर्षक गीत ” लाखों तारे आसमान में पर मगर एक ढूंढें ना मिला, चुपचाप जला मेरा दिल”…. मेघराज नागल और पुनिता गुप्ता ने गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगाए। इसके अलावा पुनिता गुप्ता के साथ डुएट सोंग में नारायण बिहाणी, राजेंद्र बोथरा, रामकिशोर यादव, विक्रम सिंह पडिहार, सुशील पारीक, इंजीनियर कमलकांत सोनी, पवन कुमार चढ्ढा, चन्द्र कुमार भोजक, दीपक खत्री, अयोध्या प्रसाद शर्मा, राधाकृष्णन सोनी, विनोद सक्सेना, हरिनारायण सिंह, लक्ष्मीनारायण भाटी , डॉक्टर योगेश साध , चारू लता साध सहित अन्य स्थानीय कलाकारों द्वारा सदाबहार हिन्दी फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम का मंच संचालन इंजीनियर कमलकांत सोनी किया। कार्यक्रम में पधारे सभी का अंत में धन्यवाद सैय्यद अख्तर ने ज्ञापित किया।
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