
करवा चौथ: पति-पत्नी के प्रेम का अनमोल बंधन
पति से ही जीवन में खुशियों के रंग हैं, उनके साथ से ही सपनों के सुंदर प्रसंग हैं। पति केवल रिश्ता नहीं, जीवन का आधार है, उनके साथ से ही हर सपना साकार है।
पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास की डोर है, एक-दूजे का साथ ही सबसे बड़ा छोर है। जब दोनों मिलकर जीवन की राह सजाते हैं, मुश्किल से मुश्किल रास्ते भी आसान हो जाते हैं।
एक-दूजे के सपनों को जब पंख मिल जाते हैं, सूने-सूने जीवन में भी फूल खिल जाते हैं। पति साथ दे पत्नी का, पत्नी बने सहारा, तो खुशियों से भर जाता है जीवन का हर किनारा।
न धन की चाह बड़ी, न महलों की दरकार, बस एक-दूजे के दिल में हो सच्चा-सा प्यार। सम्मान और विश्वास से घर स्वर्ग बन जाता है, दो दिलों का मिलन हर दुख को भुलाता है।
करवा चौथ का व्रत केवल रस्म नहीं, प्यार की पहचान है, एक-दूजे के लिए समर्पण और विश्वास का सम्मान है। पत्नी की दुआओं में पति की लंबी उम्र का अरमान रहे, पति के हर व्यवहार में पत्नी का भी मान रहे।
न कोई छोटा-बड़ा हो, न किसी का अपमान हो, दोनों के जीवन में खुशियों का नया आसमान हो। हाथों में हाथ लेकर हर मुश्किल को हराएँ, अपने प्रेम और विश्वास से सुंदर संसार बनाएँ।
जब पति-पत्नी एक-दूजे का सच्चा साथ निभाते हैं, तो इसी धरती पर प्यार की जन्नत सजाते हैं।
इस करवा चौथ बस इतनी-सी दुआ बार-बार हो, हर जन्म में दोनों का प्रेम और भी शानदार हो। चाँद की चाँदनी-सा रिश्ता सदा जगमगाता रहे, पति-पत्नी का प्यार जीवन भर मुस्कुराता रहे।
बड़े अरमानों के साथ घरवालों ने रिश्ता जोड़ा मैंने उन सबके कहने पर आपसे नाता जोड़ा घर को छोड़ा अपनों को छोड़ा केवल आपसे ही रिश्ता जोड़ा इस संसार में हर पति पत्नी का प्यार अमर रहे हम सब बहनों का सुहाग अमर रहे।

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