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बीकानेर में बनेगी विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज, करीब 7 करोड़ की लागत से तैयार हो रही ओलंपिक स्तर की सुविधाएं
सादुल क्लब में इंग्लैंड से मंगवाई गईं 17 अत्याधुनिक मशीनें, ओलंपिक-2028 की तैयारियों के लिए निशानेबाजों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण

राजस्थान हेड डॉ राम दयाल भाटी
बीकानेर, राजस्थान। निशानेबाजी के क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक पहचान रखने वाला बीकानेर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराने की तैयारी कर रहा है। शहर के प्रतिष्ठित सादुल क्लब परिसर में लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज स्थापित की जा रही है। इस अत्याधुनिक शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की तकनीक, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अभ्यास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
सादुल क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान क्लब अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ और सचिव एम.पी. सिंह सोइन ने शूटिंग रेंज की विशेषताओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
ओलंपिक-2028 को ध्यान में रखकर तैयार हो रही शूटिंग रेंज
क्लब अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने बताया कि शूटिंग रेंज में ओलंपिक स्तर की अत्याधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं। इसके निर्माण में उन सभी तकनीकी मापदंडों का ध्यान रखा जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं और ओलंपिक खेलों के लिए आवश्यक हैं।
उन्होंने बताया कि लॉस एंजेलिस में आयोजित होने वाले ओलंपिक-2028 को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। क्लब प्रबंधन का दावा है कि इस स्तर की अत्याधुनिक तकनीक वाली शूटिंग रेंज देश में अपनी तरह की अनूठी सुविधा होगी।
इंग्लैंड से मंगवाई गईं 17 अत्याधुनिक मशीनें
शूटिंग रेंज में फिलहाल कुल 17 मशीनें लगाई गई हैं। इनमें 15 मशीनें ट्रैप स्पर्धा और दो मशीनें स्कीट स्पर्धा के लिए हैं। इन मशीनों को इंग्लैंड की प्रसिद्ध प्रोमेटिक कंपनी से मंगवाया गया है।
मशीनों की स्थापना के लिए इंग्लैंड से दो विशेषज्ञ इंजीनियर केविन और जोस भी बीकानेर पहुंचे हैं। दोनों इंजीनियर अत्याधुनिक मशीनों को स्थापित करने और शूटिंग रेंज को तकनीकी रूप से तैयार करने में जुटे हुए हैं।
युवा निशानेबाज उद्धव सिंह हरासर ने दिया लाइव डेमो
प्रेस वार्ता के दौरान युवा निशानेबाज उद्धव सिंह हरासर ने शूटिंग रेंज में लाइव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने सिंगल ट्रैप और डबल ट्रैप का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
उद्धव सिंह ने कहा कि विदेशों में भारत की तुलना में शूटिंग रेंज और तकनीकी प्रशिक्षण की अधिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब बीकानेर में विश्वस्तरीय शूटिंग रेंज बनने से स्थानीय निशानेबाजों को बेहतर अभ्यास के अवसर मिलेंगे।
बीकानेर का निशानेबाजी में रहा है गौरवशाली इतिहास
क्लब अध्यक्ष राठौड़ ने बीकानेर की ऐतिहासिक खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि महाराजा डॉ. करणी सिंह और उनकी पुत्री राज्यश्री कुमारी ने निशानेबाजी में देश का नाम रोशन किया था।
निशानेबाजी में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए डॉ. करणी सिंह को वर्ष 1961 और राज्यश्री कुमारी को वर्ष 1969 में प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की ओलंपिक उपलब्धियों और अपूर्वी चंदेला की राष्ट्रमंडल खेलों एवं विश्व कप निशानेबाजी में उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। साथ ही उभरते युवा निशानेबाज उद्धव सिंह हरासर की प्रतिभा की सराहना की।
देश के बेहतरीन कोच देंगे प्रशिक्षण, जरूरत पड़ने पर विदेशी कोच भी बुलाए जाएंगे
हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि क्लब का उद्देश्य बीकानेर के बच्चों और युवाओं को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे बीकानेर और भारत का नाम रोशन करें। खिलाड़ियों को तकनीकी सुविधाओं की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रशिक्षण के लिए देश के स्तरीय कोच की व्यवस्था की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर विदेशी कोच भी बुलाए जाएंगे।”
उन्होंने बताया कि सादुल क्लब की ओर से निशानेबाजों को प्रशिक्षण के लिए कुछ बंदूकें भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
तकनीकी परीक्षण और प्रशासनिक अनुमति के बाद शुरू होगा प्रशिक्षण
शूटिंग रेंज में नियमित प्रशिक्षण शुरू करने से पहले नेशनल राइफल एसोसिएशन के तकनीकी पदाधिकारी इसका निरीक्षण करेंगे। इस दौरान रेंज में स्थापित मशीनों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी मापदंडों का गहन परीक्षण किया जाएगा।
परीक्षण के बाद प्रमाण पत्र जारी होने पर क्लब प्रबंधन जिला प्रशासन से आवश्यक अनुमति प्राप्त करेगा। इसके बाद शूटिंग रेंज में विधिवत प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
सादुल क्लब में पहले से 10 खेलों की सुविधाएं, 300 से 400 बच्चे करते हैं अभ्यास
क्लब सचिव एम.पी. सिंह सोइन ने बताया कि वर्तमान में सादुल क्लब में बास्केटबॉल, टेनिस, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, तीरंदाजी, क्रिकेट, पिकलबॉल, बैडमिंटन, बिलियर्ड्स और तैराकी सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
क्लब में औसतन 300 से 400 बच्चे नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की नई शूटिंग रेंज स्थापित होने से बीकानेर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और भविष्य में यहां के निशानेबाज देश के लिए अंतरराष्ट्रीय पदक जीत सकेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान इंग्लैंड से आए इंजीनियर केविन और जोस के साथ सादुल क्लब की कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित रहे।
बीकानेर में स्थापित हो रही यह अत्याधुनिक शूटिंग रेंज न केवल स्थानीय खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, बल्कि राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रशिक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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